विभाग ने इस तरह की अवैध बिक्री पर रोक लगाने के लिए आयात नियमों का सख्ती से पालन किये जाने पर जोर दिया है।
डॉट ने सीमा शुल्क के मुख्य आयुक्त, केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) के अध्यक्ष को पत्र लिखकर कहा है कि इस तरह कि गतिविधियां उसके संज्ञान में आई है।
इसके अलावा खुफिया ब्यूरो ने भी कुछ ई-कॉमर्स कंपनियों द्वारा वॉकी-टॉकी सेट के कुछ मॉडलों की नियामक की मंजूरी के बिना बिक्री की सूचना दी है।
मोबाइल सिग्नल बूस्टर और वॉकी-टॉकी सेट दरअसल ट्रांसमिशन उपकरण की श्रेणी में आते है, जिसके तहत इन्हें बिना लाइसेंस के आयात करने की अनुमति नहीं है।
डॉट ने पत्र में कहा, ‘‘विभाग उल्लंघन के मामलों के संबंध में उचित कार्रवाई करना जारी रखे हुए है। देश में मोबाइल सिग्नल बूस्टर समेत ऐसे अवैध वायरलेस उपकरणों की बिक्री पर रोक लगाने के लिए हम डीजीएफटी की आयात नीति के प्रावधानों को सख्ती से लागू करने का अनुरोध करते है।’’
इससे पहले फरवरी में दूरसंचार विभाग के वायरलेस प्रौद्योगिकी निगरानी समूह ने दिल्ली में एक सप्ताह तक चली छापेमारी के दौरान 140 अवैध मोबाइल सिग्नल बूस्टर को हटा दिया था।
डॉट ने पिछले वर्ष भी मोबाइल सिग्नल को बढ़ाने वाले 400 अवैध उपकरणों को जब्त या हटा दिया था।
जतिन
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