देश की खबरें | नहीं पता कि पटना में विपक्षी दलों की बैठक में हमें क्यों नहीं बुलाया गया: आवैसी

औरंगाबाद, 24 जून ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने शनिवार को कहा कि उन्हें नहीं पता कि उनकी पार्टी को बिहार की राजधानी पटना में 23 जून को हुई विपक्षी दलों की बैठक में आमंत्रित क्यों नहीं किया गया।

ओवैसी ने प्रधानमंत्री की अमेरिका दौरे पर यह कहने के लिए उनकी आलोचना की है कि भारत में मोदी सरकार के शासन के दौरान अल्पसंख्यकों के साथ कोई भेदभाव नहीं हो रहा।

ओवैसी के सहयोगी तथा औरंगाबाद से लोकसभा सदस्य इम्तियाज जलील ने कहा कि एआईएमआईएम भारतीय जनता पार्टी को हराने के लिए उन सभी दलों से ज्यादा उत्सुक है, जो बैठक में शामिल हुए थे।

जलील ने कहा कि उनके दल को शामिल किए बगैर इस प्रकार के दलों का कोई भी गठबंधन भाजपा को हराने में सफल नहीं हो सकता।

उन्होंने प्रश्न किया,‘‘भाजपा को हराने के लिए एआईएमआईएम किन्ही दलों,नेताओं तथा गठबंधन (भाजपा विरोधी) के लिए जुटे (23 जून) लोगों से अधिक इच्छुक हैं। कई राज्यों में बड़ी संख्या में लोग असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी से जुड़े हैं,यह जानते हुए भी हमारी अनदेखी क्यों की गई।’’

ओवैसी ने अपने संबोधन में कहा,‘‘ मुझे नहीं पता कि हमें क्यों नहीं बुलाया गया। जलील ने जो मुद्दा उठाया है वह गंभीर है। मेरा प्रश्न है कि प्यासे को कुएं के पास आना चाहिए या कुएं को प्यासे के पास जाना चाहिए।’’

उन्होंने कहा कि केन्द्र की भाजपा नीत सरकार के शासन में दलितों, मुसलमानों,आदिवासियों तथा अन्य गुटों के साथ भेदभाव हो रहा है, नरेन्द्र मोदी शासन को हराने के लिए कोई एजेंडा बनाने से पहले इन बातों को ध्यान में रखा जाना चाहिए।

ओवैसी ने प्रधानमंत्री के इस बयान कि अल्पसंख्यकों के साथ कोई भेदभाव नहीं हो रहा के लिए निशाना साधते हुए कहा कि मणिपुर में जारी हिंसा में 300 गिरजाघर जला दिए गए हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘सबसे बड़ा भेदभाव तो यह है कि भाजपा के लोकसभा में 300 सदस्य हैं लेकिन उनमें कोई भी मुसलमान नहीं है। केन्द्र सरकार में भी कोई मुसलमान मंत्री नहीं है।’’

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