नयी दिल्ली, 24 फरवरी दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल (एसजीआरएच) के डॉक्टरों ने एक नवीन एंडोस्कोपी तकनीक का इस्तेमाल कर एक व्यक्ति की भोजन नली में फंसी दवा की एक गोली तथा उसकी एल्युमीनियम की पन्नी सफलतापूर्वक निकाल दी।
एक बयान में शुक्रवार को कहा गया है कि पेट में से कोई बाहरी वस्तु निकालने के लिए अपर गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल एंडोस्कोपी का इस्तेमाल करना आम प्रक्रिया है।
शिशु और अन्य छोटे बच्चे अक्सर सिक्के, खिलौनों की बैटरियां, छोटी मैग्नेट और पिन निगल जाते हैं जिन्हें एंडोस्कोपी के जरिए निकाला जाता है। बुजुर्गों में अनजाने में कृत्रिम दांत निगलने की घटनाएं सामने आती हैं। इसमें फौरन एंडोस्कोपी करने की आवश्यकता होती है।
एसजीआरएच में यकृत, जठरांत्र विज्ञान और अग्नाशय-पित्त संस्थान के अध्यक्ष अनिल अरोड़ा ने बताया कि आपात कक्ष में 61 वर्षीय व्यक्ति दुर्घटनावश एल्युमीनियम की पन्नी के साथ एक गोली निगलने के बाद सीने में बेचैनी की शिकायत लेकर आया।
बयान में कहा गया है कि गोली ऊपरी भोजन नली में फंस गयी और मरीज कुछ भी निगल नहीं पा रहा था। तुरंत एंडोस्कोपी की गयी जिसमें इस जटिल स्थिति का पता चला।
गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट (जठरांत्र विज्ञानी) और चिकित्सीय एंडोस्कोपिस्ट डॉ. श्रीहरि अनिखिंडी ने बताया कि एल्युमीनियम पन्नी बहुत सख्त थी और उसके किनारे धारदार थे। अगर उसे जबरन निकाला जाता तो उससे भोजन की नली को नुकसान पहुंच सकता था जिससे जटिल समस्याएं पैदा हो सकती थीं।
उन्होंने गोली को आराम से और धीरे-धीरे पेट में भेजा जिससे सर्जरी में आसानी हुई।
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