देश की खबरें | मानसिक रूप से बीमार बेघर लोगों के कोविड जांच के लिये मोबाइल नंबर एवं परिचय पत्र के लिये दबाव न डालें : अदालत

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली उच्च न्यायालय ने भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद से शुक्रवार को कहा वह अपने दिशा निर्देशों में यह स्पष्ट करें कि मानसिक रूप से बीमार बेघरों के कोरोना वायरस संक्रमण की जांच के लिये उनसे मोबाइल नंबर, सरकारी परिचय पत्र, तस्वीरें और आवासीय प्रमाण पत्र मांगने के लिये उन पर दबाव नहीं डाला जाये।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 24 जुलाई दिल्ली उच्च न्यायालय ने भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद से शुक्रवार को कहा वह अपने दिशा निर्देशों में यह स्पष्ट करें कि मानसिक रूप से बीमार बेघरों के कोरोना वायरस संक्रमण की जांच के लिये उनसे मोबाइल नंबर, सरकारी परिचय पत्र, तस्वीरें और आवासीय प्रमाण पत्र मांगने के लिये उन पर दबाव नहीं डाला जाये।

भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के 19 जून के परामर्श के अनुसार कोविड—19 जांच कराने वाले हर व्यक्ति को सरकार की ओर से जारी पहचान पत्र देना होगा और उसके पास एक वैध मोबाइल नंबर भी होना चाहिये।

यह भी पढ़े | भारत में आतंकी भेजने की पाकिस्तान की कोशिशें जारी, पिछले साल की मुकाबले इस वर्ष सीजफायर उल्लंघन 50-60 फीसदी बढ़ा: J&K डीजीपी दिलबाग सिंह.

मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल एवं न्यायमूर्ति प्रतीक जालान की पीठ ने कहा कि आईसीएमआर को सर्कुलर अथवा आफिस आदेश के रूप में एक स्पष्टीकरण जारी करना चाहिये कि मानसिक रूप से बीमार बेघरों के कोरोना वायरस संक्रमण की जांच के लिये परिचय प्रमाण पत्र, पते का प्रमाण पत्र एवं मोबाइल नंबर की जरूरत नहीं है।

अदालत ने कहा कि ऐसे लोगों की जांच करने के लिये शिविर लगाया जाना चाहिये जैसा कि दिल्ली में अन्य लोगों के इलाज के लिये किया जा रहा है ।

यह भी पढ़े | राजस्थान: संजय जैन को 5 अगस्त तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेजा गया : 24 जुलाई 2020 की बड़ी खबरें और मुख्य समाचार LIVE.

इसने कहा, 'आपकी ओर से दिशा निर्देश जारी किये जाने चाहिये । आपको केवल दो तीन लाइनों में यह स्पष्ट करने की जरूरत है कि मानसिक रूप से बीमार बेघर लोगों की जांच के लिय मोबाइल नंबर, पते का प्रमाण पत्र और परिचय पत्र की आवश्यकता नहीं है ।

पीठ ने कहा, 'आपनी शक्तियों का इस्तेमाल लोगों के हित में करें । एक बार आप ऐसा (स्पष्टीकरण जारी) करेंगे तो सभी राज्य इसे लागू करेंगे ।'

अदलत में आईसीएमआर की ओर से पेश हुये अतिरि​क्त सोलिसिटर जनरल चेतन शर्मा ने पीठ द्वारा की गई टिप्पणियों के संबंध में सरकार से निर्देश लेने के लिये समय की मांग की ।

इस मामले में अब सात अगस्त को आगे सुनवाई होगी।

अधिवक्ता गौरव कुमार बंसल की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुये उच्च न्यायालय ने यह व्यवस्था दी है । बंसल ने अपनी याचिका में राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मानसिक रूप से बीमार बेघरों की कोरोना जांच के लिये आईसीएमआर को दिशा निर्देश जारी करने का निर्देश देने का अनुरोध किया है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\