देश की खबरें | द्रमुक की पुडुचेरी इकाई ने हिंदी के इस्तेमाल से जुड़े जिपमर के परिपत्र का विरोध किया

पुडुचेरी, नौ मई पुडुचेरी में द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के नेताओं ने सोमवार को केंद्र द्वारा संचालित जवाहरलाल स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (जिपमर) के उस परिपत्र के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन किया, जिसमें जिपमर के रिकॉर्ड और संचार में हिंदी के इस्तेमाल का निर्देश दिया गया है।

विधानसभा में विपक्ष के नेता एवं द्रमुक की पुडुचेरी इकाई के संयोजक आर शिवा और कुछ विधायकों सहित पार्टी के अन्य सदस्यों को जिपमर में विरोध-प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार कर लिया गया।

कुछ स्थानीय युवाओं सहित प्रदर्शनकारियों ने सभी परिपत्रों और रिकॉर्ड में हिंदी के प्रयोग पर प्रमुख संस्थान द्वारा जारी परिपत्र की ‘निंदा’ करते हुए नारे लगाए।

शिवा ने आरोप लगाया कि जिपमर पहले से ही स्थानीय युवाओं को नौकरी के अवसरों से वंचित कर रहा था और हिंदी के इस्तेमाल के निर्देश से संबंधित वर्तमान परिपत्र स्थानीय लोगों के लिए एक और झटका है।

उन्होंने वहां मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘परिपत्र को बिना शर्त वापस लिया जाना चाहिए।’’ गिरफ्तार किए गए लोगों में द्रमुक विधायक एल संपत, एनीबल केनेडी और सेंथिल कुमार शामिल हैं।

इस बीच, तमिझागा वज्वुरिमाई काची के नेता एवं तमिलनाडु विधानसभा के सदस्य टी वेलमुरुगन ने भी इस कदम का विरोध किया। उन्होंने इसे ‘हिंदी को जबरदस्ती थोपने’ की कवायद करार दिया। एक विज्ञप्ति में वेलमुरुगन ने संबंधित परिपत्र को तत्काल वापस लेने का आह्वान किया।

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