देश की खबरें | ‘वाराणसी मंत्रिस्तरीय घोषणा’ पर चर्चा पूर्ण सहमति की ओर बढ़ रही है: संस्कृति सचिव

वाराणसी, 25 अगस्त संस्कृति पर मंत्रिस्तरीय घोषणा के मसौदे पर यहां हो रही चर्चा "पूर्ण सहमति" की ओर बढ़ रही है। यह जानकारी एक शीर्ष अधिकारी ने शुक्रवार को यहां दी।

जी20 देशों के संस्कृति मंत्रियों की बैठक के बाद 'वाराणसी संस्कृति मंत्रियों का घोषणा-पत्र' 26 अगस्त को जारी किया जाएगा।

केंद्रीय संस्कृति सचिव गोविंद मोहन ने यहां चल रही जी20 संस्कृति कार्यसमूह की चौथी और आखिरी बैठक तथा संस्कृति मंत्रियों की बैठक को लेकर एक प्रेस वार्ता के दौरान यह बात कही।

जी20 संस्कृति मंत्रियों की बैठक शनिवार को यहां होने वाली है, जिसमें जी20 सदस्य देशों और अतिथि देशों के कई मंत्री और प्रतिनिधि छह अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ विचार-विमर्श में हिस्सा लेंगे।

अंतरराष्ट्रीय संगठनों में यूनेस्को और आईसीओएमओएस शामिल हैं।

मोहन ने कहा, ‘‘(बीते) कल शुरू हुई चौथी संस्कृति कार्य समूह की बैठक आज समाप्त हो गई और कल मंत्रिस्तरीय बैठक होगी, जिसके अंत में वाराणसी संस्कृति मंत्रियों का घोषणा-पत्र जारी किया जाएगा।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हम पूर्ण सहमति की ओर बढ़ रहे हैं।’’

केंद्रीय संस्कृति मंत्री जी. किशन रेड्डी और राज्य मंत्री मीनाक्षी लेखी तथा मोहन ने संवाददाताओं को संबोधित किया।

इस बीच, जी20 के महत्वपूर्ण बैठक के लिए शहर और उसके घाटों को सजा दिया गया है। रेड्डी ने कहा कि यह सर्वथा उचित है कि जी20 संस्कृति कार्यसमूह की अंतिम बैठक और संस्कृति मंत्रियों की बैठक भारत की ‘सांस्कृतिक’ राजधानी वाराणसी में हो रही है।

उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘यह भारत सरकार के लिए बड़े सौभाग्य की बात है कि यह महत्वपूर्ण कार्यक्रम भारत की सांस्कृतिक आत्मा और लोकाचार को प्रतिबिंबित करने वाले प्राचीन शहर वाराणसी में आयोजित किया जा रहा है।’’

संस्कृति सचिव मोहन ने कहा कि समूह के सदस्य देशों और आमंत्रित देशों के समृद्ध संगीत ज्ञान और विरासत का जश्न मनाते हुए जी20 ग्लोबल ऑर्केस्ट्रा द्वारा 'सुर वसुधा' शीर्षक से एक प्रदर्शन शनिवार शाम को वाराणसी में प्रस्तुत किया जाएगा।

अधिकारियों ने बताया कि शनिवार की शाम को, सभी सदस्य देशों और आमंत्रित देशों के प्रतिनिधि वाराणसी के घाटों पर आयोजित होने वाली प्रसिद्ध 'गंगा आरती' भी देखेंगे।

संस्कृति कार्यसमूह की पहली बैठक मध्य प्रदेश के खजुराहो में हुई, जबकि इसके बाद की दो बैठकें ओडिशा के भुवनेश्वर और कर्नाटक के हम्पी में हुईं।

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