संयुक्त राष्ट्र, दो जुलाई यूनेस्को के महानिदेशक ऑद्रे एजॉले ने उत्तर प्रदेश में पिछले महीने हुई एक युवा पत्रकार की हत्या की घटना की निंदा की और अधिकारियों से अपराधियों को जल्द से जल्द पकड़ने की अपील की ताकि अन्य अपराधी ‘बंदूक के दम पर सेंसरशिप’ करने का दुस्साहस न करें।
पिछले महीने उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में बाइक पर सवार होकर अपने घर लौट रहे पत्रकार शुभम मणि त्रिपाठी की दो हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।
एजॉले ने कहा, ‘‘मैं शुभम मणि त्रिपाठी की हत्या की घटना की निंदा करता हूं। मैं अधिकारियों से अपील करता हूं कि वे अपराधियों को न्याय के कटघरे में लाएं जो बंदूक के बल पर सेंसरशिप कर रहे अन्य अपराधियों में खौफ पैदा करने के लिए आवश्यक है।’’
संगठन ने एक बयान में कहा कि वैश्विक जागरूकता कार्यक्रम, क्षमता निर्माण तथा पत्रकारों की सुरक्षा से संबंधी संरा की कार्य योजना के तले कई अन्य कदम उठाकर तथा दंड माफी के मुद्दे पर यूनेस्को पत्रकारों की सुरक्षा को बढ़ावा देता है।
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एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि शुक्रवार को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने त्रिपाठी की हत्या के मामले में उत्तर प्रदेश सरकार तथा राज्य के पुलिस प्रमुख को नोटिस जारी किए थे।
त्रिपाठी ने कथित तौर पर रेत माफिया को लेकर खबर दी थी जिसके चलते उनकी हत्या हुई।
खबरों के मुताबिक त्रिपाठी हिंदी दैनिक कम्पू मेल के लिए काम करते थे।
भारतीय प्रेस परिषद ने भी हत्या की घटना की निंदा की और प्रदेश सरकार से इस मामले में रिपोर्ट मांगी ।
त्रिपाठी को 19 जून को उन्नाव में दूध मंडी के निकट गोली मारी गई थी।
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