नयी दिल्ली, 12 फरवरी जीएसटी खुफिया महानिदेशालय (डीजीजीआई) की पुणे क्षेत्र की इकाई ने 1,196 करोड़ रुपये की जीएसटी धोखाधड़ी का पर्दाफाश किया है और इस सिलसिले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार भी किया है।
वित्त मंत्रालय ने बुधवार को एक बयान में यह जानकारी दी। मंत्रालय ने कहा कि पुणे, दिल्ली, नोएडा और मुजफ्फरनगर में कई स्थानों पर चलाए गए तलाशी अभियान से फर्जी कंपनियों के एक ऐसे नेटवर्क का पता चला है जो फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) लेनदेन में शामिल हैं।
मंत्रालय के मुताबिक, आरोपियों ने फर्जी कंपनियां बनाई थीं जो किसी भी तरह के वैध कारोबार संचालन से नहीं जुड़ी थीं। इन कंपनियों के नाम पर इस नेटवर्क ने 1,196 करोड़ रुपये के नकली आईटीसी का लाभ उठाने और उसे पास करने में मदद की।
इस सिलसिले में गिरफ्तार किया गया व्यक्ति मुजफ्फरनगर में एक निजी लिमिटेड फर्म का निदेशक है और पूरे फर्जीवाड़े के पीछे वही मास्टरमाइंड है।
मामले की जांच में पता चला कि गिरोह ने पते, पहचान, ईमेल आईडी और फोन नंबरों का एक डेटाबेस बना रखा था। इन ब्योरों का इस्तेमाल नए जीएसटी पंजीकरण लेने और खोजबीन से बचने के लिए रणनीतिक रूप से किया गया था।
फर्जी कंपनियों के निदेशक या मालिक के तौर पर नाम पर इस डेटाबेस से चुनकर बनाए गए थे। इससे धोखेबाज अपनी अवैध गतिविधियों को लंबे समय तक जारी रख पाए।
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