भोपाल, 13 जून केंद्रीय जीएसटी खूफिया अधिकारियों ने इंदौर में अवैध पान मसाला बनाने वाली इकाई का भंडाफोड़ कर 225 करोड़ रुपये की कर चोरी पकड़ी है और इस संबंध में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।
जीएसटी खूफिया महानिदेशालय (डीजीजीआई) और राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) के अधिकारियों ने मंगलवार और शुक्रवार को इंदौर और उज्जैन में 16 संदिग्ध और अघोषित गोदामों और आवासीय परिसरों पर संयुक्त रूप से छापेमारी की। शनिवार को जारी आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई।
बयान के मुताबिक डीजीजीआई की शुरुआती जांच के आधार पर यह अनुमान लगाया गया कि आरोपी व्यक्तियों और उनके सहयोगियों ने जुलाई 2019 से मार्च 2020 के दौरान बेचे गए सामान पर लगभग 225 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी की।
डीजीजीआई के बयान में कहा गया कि इस धोखाधड़ी में कुल देय शुल्क करीब 400 करोड़ रुपये होने का अनुमान है।
बयान में कहा गया कि कोरोना वायरस महामारी के दौरान लॉकडाउन के महीनों (अप्रैल और मई, 2020) के दौरान बड़े पैमाने पर पान मसाला और तंबाकू की अवैध बिक्री तथा आपूर्ति की गई। बयान के मुताबिक मामले की आगे जांच जारी है।
वक्तव्य में कहा गया है कि इस पूरे मामले को मास्टरमांइड लोगों और संगठनकर्ताओं ने 20- 30 लोगों की भीड़ जुआकर निदेशालय के अधिकारियों के काम में बाधा खड़ी करने का असफल प्रयास किया। पहले एक आवासीय परिसर में और फिर फैक्टरी परिसर में बृहस्पतिवार और शुक्रवार को यह जांच पड़ताल हुई। बहरहाल, मध्य प्रदेश पुलिस की समय पर मिली सहायता से इन प्रयासों को निष्फल कर दिया गया।
इसमें कहा गया है कि गंभीर अपराधों को देखते हुये तीन व्यक्तियों को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया गया।
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