नयी दिल्ली, सात अक्टूबर नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने कोरोना वायरस लॉकडाउन के चलते रद्द कर दी गयी उड़ानों के लिए टिकट मूल्य के रिफंड के सिलसिले में बुधवार को विस्तृत दिशानिर्देश जारी किये।
छह दिन पहले उच्चतम न्यायालय ने निर्देश दिया था कि 25 मार्च और 24 मई के बीच रद्द किये गये विमान टिकटों के लिए यात्रियों को तत्काल पूरा रिफंड किया जाए। इस अवधि में देश में किसी भी घरेलू यात्री उड़ान का परिचालन नहीं हुआ था।
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शीर्ष अदालत ने एक अक्टूबर को लॉकडाउन की अलग- अलग अवधि के दौरान करायी गयी बुकिंग और टिकट निरस्तीकरण के लिए रिफंड और क्रेडिट शेल के बारे में भी निर्देश जारी किये।
शीर्ष अदालत के आदेश के आधार पर डीजीसीए ने यात्रियों को तीन श्रेणियों में बांटा है। पहली श्रेणी में ऐसे यात्री हैं जिन्होंने 25 मार्च और 24 मई के बीच उसी अवधि में यात्रा के लिए टिकट खरीदे थे। दूसरी श्रेणी में ऐसे यात्री हैं जिन्होंने 25 मार्च से पहले टिकट लिये लेकिन उनकी यात्रा अवधि 24 मई तक थी और तीसरी श्रेणी में 24 मई के बाद के सफर के लिए किसी भी समय टिकट बुकिंग वाले लोग हैं।
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डीजीसीए ने कहा कि पहली श्रेणी के लोगों को संबधित एयरलाइनों द्वारा रद्द किये गये टिकट के बदले पूरा पैसा दिया जाना चाहिए। द्वितीय श्रेणी वाले को एयरलाइन 15 दिनों के अंदर पैसा देने का पूरा प्रयास करे।
उसने कहा कि यदि वित्तीय दबाव के चलते कोई एयरलाइन ऐसा नहीं कर पाते हैं तो वे यात्री को उस किराये के बराबर का क्रेडिट सेल दें जिसे यात्री 31 मार्च, 2021 तक टिकट खरीदने के लिए उपयेाग कर सकें।
डीजीसीए के अनुसार तृतीय श्रेणी को उसके नियमों के अनुसार रिफंड जाए।
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