एजेंसी न्यूज

देश की खबरें | उत्तराखंड के श्रद्धालु एक जुलाई से चार धाम के दर्शन कर सकेंगे

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उत्तराखंड सरकार के नियंत्रण वाले चारधाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड ने सोमवार को राज्य के निवासियों को एक जुलाई से बदरीनाथ, केदारनाथ सहित सभी चार धामों के दर्शन की सशर्त अनुमति दे दी।

देश की खबरें | उत्तराखंड के श्रद्धालु एक जुलाई से चार धाम के दर्शन कर सकेंगे

देहरादून, 29 जून उत्तराखंड सरकार के नियंत्रण वाले चारधाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड ने सोमवार को राज्य के निवासियों को एक जुलाई से बदरीनाथ, केदारनाथ सहित सभी चार धामों के दर्शन की सशर्त अनुमति दे दी।

बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रविनाथ रमन ने इस संबंध में यहां आदेश जारी करते हुए कहा कि निषिद्ध क्षेत्रों और ‘बफर जोन’ में रहने वाले लोगों को किसी भी धाम क्षेत्र में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।

यह भी पढ़े | महाराष्ट्र में पिछले 24 घंटे में कोरोना के 5,257 नए केस: 29 जून 2020 की बड़ी खबरें और मुख्य समाचार LIVE.

इससे पहले जारी आदेशों के अनुसार, 30 जून तक केवल उसी जिले में रहने वाले श्रद्धालुओं को जिलाधिकारी की अनुमति से चारों धामों में दर्शन की अनुमति थी जहां ये मंदिर स्थित हैं ।

कोविड-19 के मद्देनजर चार धामों के दर्शन की अनुमति कुछ प्रतिबंधों के तहत दी गयी है । आदेश के अनुसार, राज्य में रहने वाला व्यक्ति यदि राज्य के बाहर से यात्रा करके आया है तो पृथकवास अवधि पूरी करने के बाद ही चारधामों के दर्शन के लिये पात्र होगा ।

यह भी पढ़े | कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने BSP चीफ मायावती को फिर बताया बीजेपी की प्रवक्ता, कहा- किसी पार्टी के साथ खड़े होने का कोई मतलब नहीं.

यात्रा प्रारंभ करने से पहले श्रद्धालु को बोर्ड की वेबसाइट पर पंजीकरण करना होगा जिसके बाद उसे ई—पास जारी होगा ।

श्रद्धालु प्रत्येक धाम क्षेत्र में यात्रा विश्राम स्थल पर केवल एक रात ही रूक सकते हैं । कोविड-19 या फ्लू के लक्षणों वाले व्यक्तियों को यात्रा की अनुमति नहीं दी जाएगी । भारत सरकार के दिशानिर्देशों के अनुसार, 65 साल से अधिक के बुजुर्गों तथा दस वर्ष से कम उम्र के बच्चे तथा स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे व्यक्ति यात्रा नहीं कर पाएंगे ।

धाम क्षेत्र में यात्रा के दौरान हैंड सैनिटाइजर और मास्क का उपयोग तथा सामाजिक दूरी का पालन करना अनिवार्य होगा ।

रावल, धर्माधिकारी, पुजारियों तथा श्रद्धालुओं की सुरक्षा के मद्देनजर किसी भी धाम के गर्भगृह तथा गर्भगृह से सटे हुए सभामंडप के आगे के भाग में श्रद्धालुओं का प्रवेश वर्जित होगा ।

मंदिर प्रवेश से पूर्व श्रद्धालुओं को हाथ—पैर धोना अनिवार्य होगा तथा बाहर से प्रसाद या चढ़ावा मंदिर परिसर में नहीं लाया जा सकेगा ।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

(The above story first appeared on LatestLY on Jun 29, 2020 08:37 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).