नयी दिल्ली, 31 मार्च राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) ने सोमवार को म्यांमा के मांडले क्षेत्र में भूकंप के कारण ढही इमारतों से सात शव बरामद किए हैं। आधिकारिक सूत्रों ने ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि भारतीय बचावकर्मियों को लगभग एक दर्जन इमारतों में राहत और बचाव अभियान शुरू करने का काम सौंपा गया है।
म्यांमा के अधिकारियों ने देश की मदद के लिए आगे आये विभिन्न विदेशी आपदा मोचन एजेंसियों को कई क्षेत्रों में राहत एवं बचाव अभियान की जिम्मेदारी सौंपी है। शुक्रवार को आए 7.7 तीव्रता के विनाशकारी भूकंप के कारण अब तक 1,700 लोगों की मौतें हुई हैं।
एनडीआरएफ को मांडले शहर के सेक्टर डी में 13 इमारतों में बचाव अभियान चलाने के लिए कहा गया है।
भारत द्वारा अपने पड़ोसी देश की मदद के लिए शुरू किए गए 'ऑपरेशन ब्रह्मा' के तहत शनिवार को देश में पहुंचे एनडीआरएफ कर्मियों ने अब तक कम से कम सात शव बरामद किए हैं। भारत की 1,643 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा म्यांमा के साथ लगी हुई है।
भारतीय बचावकर्मियों का एक दल एक बौद्ध मठ में भी बचाव अभियान चला रहा है, जहां 170 भिक्षुओं के फंसे होने की बात कही जा रही है।
सूत्रों ने बताया कि एनडीआरएफ ने इस स्थान से तीन (सात में से) शव बरामद किए हैं।
इमारतों के मलबे में फंसे जीवित लोगों की तलाश करने के लिए विभिन्न अत्याधुनिक उपकरणों से लैस दस्ते चार खोजी श्वान की भी मदद ले रहे हैं। हालांकि, मलबे में दबे लोगों के जीवित बचे होने की संभावना अब कम नजर आ रही है।
एसोसिएटेड प्रेस की एक खबर के अनुसार, म्यांमा सरकार के प्रवक्ता मेजर जनरल जॉ मिन तुन ने सरकारी एमआरटीवी को बताया कि मृतकों की संख्या बढ़कर 1,700 हो गई है और 3,400 अन्य घायल हैं, जबकि 300 से अधिक लापता हैं।
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