अपनी ब्रांडिंग के लिए गांधी के चश्मे का उपयोग करने वाले गांधीवादी संस्थानों को नष्ट कर रहे:कांग्रेस
कांग्रेस ने महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर बृहस्पतिवार को उन्हें श्रद्धांजलि दी और आरोप लगाया कि आज ऐसे लोग हैं जो खुद की ब्रांडिंग के लिए राष्ट्रपिता के चश्मे और लाठी का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन देश भर में गांधीवादी संस्थानों को नष्ट कर रहे हैं.
नयी दिल्ली, 30 जनवरी : कांग्रेस ने महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर बृहस्पतिवार को उन्हें श्रद्धांजलि दी और आरोप लगाया कि आज ऐसे लोग हैं जो खुद की ब्रांडिंग के लिए राष्ट्रपिता के चश्मे और लाठी का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन देश भर में गांधीवादी संस्थानों को नष्ट कर रहे हैं. नाथूराम गोडसे ने 1948 में आज ही के दिन बापू की गोली मारकर हत्या कर दी थी. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, "सत्य, अहिंसा, सर्वोदय और सर्वधर्म समभाव के बापू के विचार आज भी हमारा मार्ग प्रशस्त करते हैं. हमें उन लोगों के खिलाफ लड़ने के लिए प्रतिबद्ध होना चाहिए जो सभी के लिए समानता और उत्थान के उनके आदर्शों को नष्ट करना चाहते हैं. " उन्होंने कहा, "आइए, भारत की विविधता में एकता की रक्षा करें और सभी के लिए न्याय और समानता सुनिश्चित करें." कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि महात्मा गांधी सिर्फ एक व्यक्ति नहीं हैं, वह भारत की आत्मा हैं, और हर भारतीय में आज भी जीवित हैं.
उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, "सत्य, अहिंसा और निडरता की शक्ति बड़े से बड़े साम्राज्य की जड़ें हिला सकती है – पूरा विश्व बापू के इन आदर्शों से प्रेरणा लेता है. राष्ट्रपिता, महात्मा, हमारे बापू को उनके शहीद दिवस पर शत-शत नमन."खरगे और राहुल
ने गांधी स्मृति पहुंचकर राष्ट्रपिता को श्रद्धांजलि भी अर्पित की. कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, "आज से 77 साल पहले महात्मा गांधी की हत्या की गई थी. नाथूराम गोडसे वह व्यक्ति था जिसने बापू पर गोलियां दागी थीं, लेकिन वास्तव में वह एक विचारधारा थी और ऐसे विचारक थे जिन्होंने वह विषैला वातावरण तैयार किया था जिसने राष्ट्रपिता की जान ली." उन्होंने दावा किया कि आज सत्ताधारी दल में ऐसे सांसद हैं जिनसे गांधी जी और गोडसे में से किसी एक को चुनने को कहा जाता है तो वे कहते हैं कि उन्हें सोचना होगा. यह भी पढ़ें : Amritsar: फायर विभाग के कर्मचारियों ने लगाई थी बाबासाहेब की प्रतिमा के पास सीढ़ी, सामने आया वीडियो
रमेश ने कहा, "आज, सत्ता के शीर्ष पर जो लोग बैठे हैं वे गांधी जी के बलिदान को नहीं मानते और कहते हैं कि भारत को आज़ादी 22 जनवरी 2024 को मिली. आज सत्ता में प्रभावशाली पदों पर बैठे ऐसे लोग भी हैं जिन्होंने गांधी जी का उसी तरह मज़ाक उड़ाया है, जैसे उन्होंने डॉ. भीमराव आंबेडकर का मजाक उड़ाया था.’’ उन्होंने आरोप लगाया, "आज ऐसे लोग हैं जो खुद की ब्रांडिंग के लिए गांधीजी के चश्मे और लाठी का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन देश भर में गांधीवादी संस्थानों को नष्ट कर रहे हैं." रमेश ने कहा कि महात्मा गांधी की विरासत की रक्षा, संरक्षण और प्रचार-प्रसार करना बेहद ज़रूरी है तथा 'आइडिया ऑफ इंडिया' का अस्तित्व इसी पर निर्भर है.
(The above story first appeared on LatestLY on Jan 30, 2025 11:58 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

