इंदौर (मध्यप्रदेश), 29 जनवरी बेघर और बेसहारा बुजुर्गों को अमानवीय तरीके से जबरन ट्रक में बैठाकर इंदौर से बाहर छोड़े जाने के वीडियो शुक्रवार को सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद नगर निगम के दो मस्टरकर्मियों को बर्खास्त कर दिया गया।
वीडियो में नजर आ रहा है कि नगर निगम के अतिक्रमण निरोधक दस्ते के ट्रक के जरिये बेसहारा बुजुर्गों को नजदीकी क्षिप्रा गांव के पास सड़क किनारे छोड़ा जा रहा है। लेकिन कुछ जागरूक ग्रामीण इस अमानवीय घटना पर एतराज जता रहे हैं और इसे मोबाइल कैमरे में कैद कर रहे हैं। इससे घबराए नगर निगम कर्मचारी बुजुर्गों को दोबारा ट्रक में बैठाते दिखाई दे रहे हैं।
वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि इनमें से कुछ बुजुर्ग तो अधिक उम्र के चलते अपने बूते चलने-फिरने से भी लाचार हैं और वे हताश होकर सड़क के किनारे बैठे नजर आते हैं। इनमें कुछ दिव्यांग भी शामिल हैं। बेसहारा लोगों के सामान की पोटलियां सड़क किनारे यहां-वहां बिखरी नजर आती हैं।
सोशल मीडिया पर कई लोगों ने बेसहारा बुजुर्गों को लेकर नगर निगम कर्मचारियों के असंवेदनशील रवैये की तीखी आलोचना की है।
वायरल वीडियो से बवाल मचने के बाद नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त अभय राजनगांवकर ने संवाददाताओं से कहा कि चूंकि इन दिनों शहर में कड़ाके की ठंड पड़ रही है, लिहाजा फुटपाथ पर रहने वाले बेसहारा लोगों को रैन बसेरों में छोड़ने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने बताया, "हम जांच कर रहे हैं कि बेसहारा बुजुर्गों को रैन बसेरे के बजाय शहर से बाहर क्यों ले जाया गया? इस मामले में पहली नजर में गड़बड़ नजर आने पर हमने मौके पर मौजूद दो मस्टरकर्मियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया है।"
अतिरिक्त आयुक्त ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।
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