विदेश की खबरें | मैक्रों, जॉनसन की बैठक के बावजूद मछली पकड़ने के विषय पर फ्रांस व ब्रिटेन के बीच विवाद गहराया

ब्रिटेन के समुद्र तटीय जल में मछली पकड़ने का लाइसेंस देने को लेकर ब्रेक्जिट (यूरोपीय संघ से ब्रिटेन के बाहर होने) के बाद तकरार बढ़ गई है।

रोम में जी20 सम्मेलन से अलग मैक्रों और जॉनसन के बीच आधे घंटे की बैठक के बाद, एक शीर्ष फ्रांसीसी अधिकारी ने कहा कि दोनों नेता इस बात पर सहमत हुए कि तनाव की स्थिति में एक दूसरे से बात करने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि तनाव घटाने के लिए यथाशीघ्र कदम उठाने की जरूरत है।

हालांकि, ब्रिटेन ने इस बात से इनकार किया है कि दोनों नेता तनाव घटाने के लिए कदम उठाने पर सहमत हुए हैं। ब्रिटेन ने कहा कि यह जलक्षेत्र पर दावा करना पूरी तरह से फ्रांस पर निर्भर है।

ब्रिटिश सरकार ने एक बयान में कहा कि बैठक के दौरान जॉनसन ने फ्रांस के रुख पर एक बार फिर गंभीर चिंता प्रकट की और और उम्मीद जताई कि फ्रांस सरकार तनाव घटाएगी।

जॉनसन के प्रवक्ता मैक्स ब्लेन कहा, ‘‘हमारा रुख नहीं बदला है। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘यह फ्रांस को निर्णय करना है कि क्या वे उन धमकियों को वापस लेंगे जो उन्होंने हाल के दिनों में दिया था।’’

उल्लेखनीय है कि फ्रांस का दावा है कि कुछ नौकाओं को उस जल क्षेत्र में मछली पकड़ने की अनुमति नहीं दी गई, जहां वे लंबे समय तक नौवहन करते रहे हैं।

यूरोपीय मामलों के फ्रांस के मंत्री क्लीमेंट बिउने ने रविवार को ब्रिटेन पर आरोप लगाया कि वह फ्रांस को राजनीतिक तौर पर निशाना बना रहे हैं और कहा कि ब्रिटेन ने दोनों पक्षों द्वारा सहमति बने ब्रेक्जिट समझौते का उल्लंघन किया है।

मैक्रों ने कहा कि जॉन्सन को ब्रिटेन द्वारा किये गये वादों का सम्मान करने की जरूरत है।

उन्होंने कहा, ‘‘फ्रांस और ब्रिटेन आने वाले समय में इस विषय पर वार्ता करेंगे।’’ हालांकि ब्रिटेन ने ऐसी किसी वार्ता की योजना होने से इनकार किया।

फ्रांस ने ब्रिटिश नौकाओं की जांच कड़ी करने की धमकी दी है।

एपी

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