देश की खबरें | विरोध के बावजूद जम्मू कश्मीर प्रशासन ने सरकारी जमीन पर अतिक्रमण के खिलाफ चलाया अभियान

श्रीनगर, 18 जनवरी जम्मू कश्मीर के अधिकारियों ने बुधवार को बारामूला जिले में सरकारी जमीन से अतिक्रमणकारियों को हटाने के लिए एक अभियान शुरू किया। वहीं, घाटी के अन्य जिलों में उल्लंघनकर्ताओं को सात दिन के भीतर अवैध निर्माण हटाने के लिए सार्वजनिक नोटिस जारी किये गये।

बारामूला की उपायुक्त सैयद सेहरिश असगर ने कहा, ‘‘बारामूला जिले में अभियान जारी है और हमने 12 हेक्टेयर से अधिक सरकारी जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त कराया है।’’

उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन ने यह सुनिश्चित करने के लिए एक अनूठा तरीका अपनाया है कि मुक्त कराई गई जमीन पर फिर से अतिक्रमण न हो। अधिकारी ने कहा, ‘‘हमने इस अभियान में विभिन्न विभागों की टीम को साथ लिया है। मुक्त कराई गई जमीन को व्यवहार्यता के अनुसार कृषि, रेशम उत्पादन या किसी अन्य विभाग को सौंप दिया जाता है, ताकि इन भूमि पर फिर से कब्जा न किया जा सके। जहां भी खेल के मैदानों की जरूरत है, हम उसके लिए भी जमीन मुहैया करा रहे हैं।’’

अधिकारियों ने घाटी के अन्य जिलों में भी नोटिस जारी कर अतिक्रमणकारियों को सात दिन के भीतर सरकार की जमीन खाली करने या कार्रवाई का सामना के लिए तैयार रहने को कहा।

नेशनल कॉन्फ्रेंस, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी), पीपुल्स कॉन्फ्रेंस समेत अन्य राजनीतिक दलों ने इस कदम की आलोचना करते हुए कहा है कि इन जगहों पर रहने वाले आम तौर पर गरीब लोग हैं, जिन्होंने वहां अपने घरों का निर्माण किया।

पीडीपी ने भी बुधवार को श्रीनगर में इस अभियान के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। मीरवाइज उमर फारूक के नेतृत्व वाली हुर्रियत कॉन्फ्रेंस ने भी अतिक्रमण रोधी अभियान पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस कदम से केंद्र शासित प्रदेश के लोगों को नुकसान होगा।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)