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Delhi Air Quality Index: दिल्ली में प्रतिबंध के बावजूद जमकर हुई आतिशबाजी, वायु गुणवत्ता का बुरा हाल

दिल्ली में प्रतिबंध के बावजूद दिवाली के दिन जम कर हुई आतिशबाजी के कारण सोमवार को प्रदूषण का स्तर एक बार फिर बढ़ गया और सुबह धुंध छाई रही.

Delhi Air Quality Index: दिल्ली में प्रतिबंध के बावजूद जमकर हुई आतिशबाजी, वायु गुणवत्ता का बुरा हाल
(Photo Credits ANI)

नयी दिल्ली, 13 नवंबर: दिल्ली में प्रतिबंध के बावजूद दिवाली के दिन जम कर हुई आतिशबाजी के कारण सोमवार को प्रदूषण का स्तर एक बार फिर बढ़ गया और सुबह धुंध छाई रही. शहर में रविवार को दिवाली के दिन आठ वर्षों में सबसे बेहतर वायु गुणवत्ता दर्ज किया गया था. इस दौरान 24 घंटे का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) अपराह्न चार बजे 218 दर्ज किया गया था. यह भी पढ़ें: Diwali 2023: बैन के वावजूद दिवाली के बाद दिल्ली में देखा गया पटाखों का कचरा, नेशनल कैपिटल में Air क्वालिटी बेहद खराब, देखें वीडियो

हालांकि, रविवार देर रात तक आतिशबाजी होने से कम तापमान के बीच प्रदूषण के स्तर में तेजी से बढ़ोतरी हुई. सुबह सात बजे जहां एक्यूआई 275 (खराब श्रेणी) पर था दोपहर 12 बजे यह 322 पर पहुंच गया. आयानगर (382), केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान (393) और पूसा (391) सहित कुछ क्षेत्रों में प्रदूषण का स्तर ‘गंभीर’ श्रेणी (एक्यूआई 400 और 450 के बीच) के करीब पहुंच गया.

इन क्षेत्रों में पीएम2.5 (सूक्ष्म कण जो सांस लेने पर श्वसन तंत्र में प्रवेश कर सकते हैं और श्वसन संबंधी समस्याएं पैदा कर सकते हैं) की सांद्रता 60 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर की सुरक्षित सीमा से सात से आठ गुना अधिक रही.

आतिशबाजी से राजधानी के ओखला और जहांगीरपुरी सहित कई स्थानों पर सुबह के समय पीएम 2.5 की सांद्रता 1,000 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर से अधिक हो गई. दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) के आंकड़ों के अनुसार, जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में पीएम2.5 प्रदूषण का स्तर तड़के दो बजे तक 1,423 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर तक बढ़ गया, लेकिन तापमान में वृद्धि के कारण दोपहर 12 बजे तक यह धीरे-धीरे घटकर 101 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर पर आ गया.

ओखला में पीएम-2.5 की सांद्रता तड़के एक बजे 1,629 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर थी और दोपहर 12 बजे तक घटकर 157 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रह गई। आंकड़ों से पता चलता है कि आधी रात 12 बजे आनंद विहार के वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्र ने पीएम-2.5 की सांद्रता 1,985 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज की.

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली में पिछले साल दिवाली पर एक्यूआई 312, वर्ष 2021 में 382, वर्ष 2020 में 414, वर्ष 2019 में 337, वर्ष 2018 में 281, वर्ष 2017 में 319 और वर्ष 2016 में 431 दर्ज किया गया था.

दिवाली के एक दिन बाद शहर का एक्यूआई वर्ष 2015 में 360, वर्ष 2016 में 445, वर्ष 2017 में 403, वर्ष 2018 में 390, वर्ष 2019 में 368, वर्ष 2020 में 435, वर्ष 2021 में 462 और वर्ष 2022 में 303 था.

एक्यूआई शून्य से 50 के बीच 'अच्छा', 51 से 100 के बीच 'संतोषजनक', 101 से 200 के बीच 'मध्यम', 201 से 300 के बीच 'खराब', 301 से 400 के बीच 'बहुत खराब' और 401 से 450 के बीच 'गंभीर' माना जाता है. एक्यूआई के 450 से ऊपर हो जाने पर इसे 'अति गंभीर' श्रेणी में माना जाता है.

इस दिवाली से ठीक पहले रुक-रुक कर हुई बारिश और तेज हवा के चलते राष्ट्रीय राजधानी में शनिवार और रविवार को आसमान साफ रहा और धूप खिली रही. शहर में 28 अक्टूबर से दो सप्ताह तक हवा की गुणवत्ता ‘बेहद खराब’ से ‘गंभीर’ तक रही और इस अवधि के दौरान राजधानी में दमघोंटू धुंध छाई रही.

पिछले तीन वर्षों के रुझान के देखते हुये दिल्ली ने राजधानी के भीतर पटाखों के निर्माण, भंडारण, बिक्री और उपयोग पर व्यापक प्रतिबंध की घोषणा की थी. दिल्ली में पार्टिकुलेट मैटर (पीएम) प्रदूषण के स्रोतों की पहचान करने वाले ‘डिसीजन सपोर्ट सिस्टम’ के आंकड़ों के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी में रविवार को पीएम 2.5 के 35 प्रतिशत प्रदूषण के लिए पड़ोसी राज्यों, विशेष रूप से पंजाब और हरियाणा में पराली जलाए जाने से निकला धुआं जिम्मेदार था.

सोमवार को इसके 22 फीसदी और मंगलवार को 14 फीसदी रहने के आसार हैं. आंकड़ों में यह भी पाया गया कि परिवहन, शहर में प्रदूषण का एक अन्य प्रमुख कारण है, जिसका पिछले कुछ दिनों में दिल्ली की खराब हवा में 12 से 14 प्रतिशत का योगदान रहा.

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(The above story first appeared on LatestLY on Nov 13, 2023 02:56 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).