नयी दिल्ली, चार अगस्त भारत और कजाकिस्तान ने समग्र रक्षा संबंध को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता जताई और साथ ही दोनों देश आतंकवाद, कट्टरपंथ और मादक पदार्थों की तस्करी से निपटने में सहयोग बढ़ाने पर सहमत हुए। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि ये निर्णय बृहस्पतिवार को अस्ताना में हुई चौथी भारत-कजाकिस्तान सुरक्षा वार्ता में लिये गये।
बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार विक्रम मिस्री ने किया जबकि कजाकिस्तान दल का नेतृत्व कजाकिस्तान की सुरक्षा परिषद के उप सचिव नूरजान काजियाकबारोव ने किया। अधिकारियों ने वार्ता को ‘‘सार्थक’’ बताया।
एक अधिकारी ने कहा, ‘‘बैठक में द्विपक्षीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा की गई। इसमें अफगानिस्तान की स्थिति और आपसी हित के अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी चर्चा की गई।’’
उन्होंने कहा, ‘‘दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय सुरक्षा सहयोग को और बढ़ाने के लिए उठाये जाने वाले उपायों पर सहमति व्यक्त की। दोनों देश आतंकवाद और कट्टरपंथ से मुकाबला करना, मादक पदार्थों पर नियंत्रण, साइबर सुरक्षा, संपर्क और रक्षा सहयोग के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर सहमत हुए।’’
मिस्री ने कजाकिस्तान के राष्ट्रपति के सहयोगी एवं सुरक्षा परिषद के सचिव गिजात नूरदौलेटोव से भी मुलाकात की।
उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने कजाकिस्तान के उप विदेश मंत्री कनाट टुमिश के साथ भी वार्ता की।
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