नयी दिल्ली, 27 जून वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान नकदी के अवैध एवं अनधिकृत परिवहन के कथित मामले में मध्य प्रदेश में तीन वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच शुरू की गई है। यह जानकारी सूत्रों ने मंगलवार को दी।
सूत्रों ने कहा कि यह जांच निर्वाचन आयोग के कहने पर शुरू की गई तहकीकात की अगली कड़ी है।
पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान, तीनों पुलिस अधिकारियों को कथित तौर पर चुनाव प्रक्रिया के दौरान अनधिकृत और बेहिसाब नकदी लेनदेन में शामिल पाया गया था।
अप्रैल 2019 में, निर्वाचन आयोग के आदेश पर नकदी की ढुलाई की निगरानी के तहत केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने तलाशी ली थी और नकदी के अवैध परिवहन में साठगांठ का पता लगाया था।
सूत्रों ने कहा कि 14 करोड़ रुपये से अधिक की बरामदगी की गई थी और यह बात सामने आयी थी कि उस रकम की ढुलाई में इन अधिकारियों की भूमिका थी।
निर्वाचन आयोग (ईसी) ने केंद्र और राज्य सरकार को अधिकारियों के खिलाफ जांच शुरू करने और उचित कदम उठाने के लिए पत्र लिखा था।
चुनाव के दौरान किसी भी कदाचार के प्रति बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करने की नीति प्रदर्शित करते हुए, निर्वाचन आयोग ने दिसंबर 2020 में मुख्य सचिव, मुख्य निर्वाचन अधिकारी और मध्य प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारियों को तलब किया था और तब से, यह जांच जारी है।
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