जरुरी जानकारी | दिल्ली के उद्योग मंत्री की 27 औद्योगिक क्षेत्रों के विकास को लेकर कारखाना मालिकों के साथ बैठक

नयी दिल्ली, 17 जुलाई दिल्ली के उद्योग मंत्री सौरभ भारद्वाज ने बुधवार को 27 औद्योगिक क्षेत्रों के कारखाना मालिक संघों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की और उन क्षेत्रों के पुनरुद्धार की सरकार की योजनाओं पर चर्चा की।

एक सरकारी बयान के अनुसार, भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली सरकार 27 अनियोजित औद्योगिक क्षेत्रों के विकास और रखरखाव को लेकर बहुत गंभीर है।

उन्होंने बताया कि सरकार इन क्षेत्रों के विकास के लिए लंबे समय से व्यापार संगठनों के साथ काम कर रही है और इनके पुनरुद्धार के लिए एक योजना लेकर आई है। इस योजना के तहत इन औद्योगिक क्षेत्रों के विकास के लिए लेआउट प्लान से जुड़ी 90 प्रतिशत लागत दिल्ली सरकार वहन करेगी, जबकि 10 प्रतिशत लागत कारखाना मालिकों को उठानी होगी।

बैठक के दौरान चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई) के चेयरमैन बृजेश गोयल ने मंत्री से इन 27 अनियोजित औद्योगिक क्षेत्रों में एमसीडी मानचित्र अनुमोदन के लिए शुल्क की ऊंची दर को कम करने पर विचार को कहा। बयान में कहा गया है कि गोयल ने इस बात पर प्रकाश डाला कि दिल्ली में 29 अधिकृत औद्योगिक क्षेत्र और 27 अनियोजित औद्योगिक क्षेत्र हैं।

इन अनियोजित क्षेत्रों के कारखाना मालिकों ने सरकार से अनुरोध किया है कि एमसीडी नक्शा अनुमोदन की लागत को इस योजना के तहत शामिल किया जाए।

भारद्वाज ने इस मांग पर सहमति जताई और अधिकारियों को एक ऐसी नीति पर विचार करने का निर्देश दिया, जिसमें नक्शा अनुमोदन शुल्क सरकार की योजना के अनुरूप हो।

बैठक में मौजूद दिल्ली मैन्युफैक्चरिंग फेडरेशन के अध्यक्ष विजय विरमानी ने कहा कि डाबरी, ख्याला, हस्तसाल, नंगली सकरावती आदि औद्योगिक क्षेत्रों में छोटी-छोटी फैक्ट्रियां हैं, जहां मध्यम वर्ग के व्यापारी अपना कारोबार चलाते हैं।

उन्होंने कहा कि इन औद्योगिक क्षेत्रों के विकास से न केवल व्यापारी समुदाय को लाभ होगा, बल्कि उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा, रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और दिल्ली की अर्थव्यवस्था में सुधार होगा।

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