नयी दिल्ली, तीन फरवरी दिल्ली की एक अदालत चार फरवरी को यह तय करेगी कि भाजपा नेता राजीव चंद्रशेखर द्वारा दायर आपराधिक मानहानि मामले में कांग्रेस सांसद शशि थरूर को तलब किया जाए या नहीं।
इस मामले पर सोमवार को फैसला सुनाया जाना था, लेकिन अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पारस दलाल के अवकाश पर होने के कारण स्थगित कर दिया गया।
टेलीविजन चैनल के साथ साक्षात्कार के दौरान थरूर के बयानों को लेकर चंद्रशेखर ने मानहानि का वाद दायर किया था। भाजपा नेता के अनुसार, थरूर ने कहा था कि चंद्रशेखर ने 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान मतदाताओं को पैसों की पेशकश की थी।
चंद्रशेखर ने कहा कि थरूर ने उनकी प्रतिष्ठा को धूमिल करने और आम चुनावों के परिणाम को प्रभावित करने के इरादे से आरोप लगाए, जबकि ‘‘उन्हें अच्छी तरह से पता था कि दावे झूठे हैं।’’
चंद्रशेखर की शिकायत में कहा गया है, ‘‘आरोपी (थरूर) के अनुरोध पर विभिन्न समाचार चैनलों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साक्षात्कार प्रसारित किए गए, और इसके परिणामस्वरूप समाज में मेरी प्रतिष्ठा को नुकसान हुआ और लोकसभा चुनाव, 2024 में हार का सामना करना पड़ा।”
अदालत ने 21 सितंबर, 2024 को शिकायत का संज्ञान लिया था।
इससे संबंधित घटनाक्रम में, दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को थरूर को मानहानि के मुकदमे में तलब किया, जिसमें चंद्रशेखर ने प्रतिष्ठा को हुए नुकसान के लिए 10 करोड़ रुपये का हर्जाना मांगा था।
न्यायमूर्ति पुरुषेंद्र कुमार कौरव ने मामले की सुनवाई 28 अप्रैल तय की।
अदालत ने कहा, ‘‘शिकायत को मुकदमे के रूप में पंजीकृत किया जाए। प्रतिवादी (थरूर) को समन जारी करें। मामले को 28 अप्रैल के लिए संयुक्त रजिस्ट्रार के समक्ष सूचीबद्ध किया जाए।’’
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY