देश की खबरें | दिल्ली वक्फ बोर्ड ने मस्जिद मुबारक बेगम का मुआयना करने के लिए पुरातत्व सर्वेक्षण को पत्र लिखा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली वक्फ बोर्ड ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) से ऐतिहासिक मस्जिद मुबारक बेगम का मुआयना करने की गुजारिश की है, ताकि इबादतगाह से मलबा हटाया जा सके और मरम्मत का काम शुरू हो सके।
नयी दिल्ली, 22 जुलाई दिल्ली वक्फ बोर्ड ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) से ऐतिहासिक मस्जिद मुबारक बेगम का मुआयना करने की गुजारिश की है, ताकि इबादतगाह से मलबा हटाया जा सके और मरम्मत का काम शुरू हो सके।
बोर्ड के एक अधिकारी ने बताया कि पुरानी दिल्ली के हौज़ काज़ी चौक पर स्थित मस्जिद मुबारक बेगम करीब 200 साल पुरानी है। रविवार को राष्ट्रीय राजधानी में हुई मुसलाधार बारिश और बिजली गिरने से मस्जिद का बीच वाला गुंबद ढह गया है।
उन्होंने बताया कि मलबा मस्जिद की छत पर पड़ा है और इस कारण फिर से बारिश होने से मस्जिद और क्षतिग्रस्त हो सकता है।
उन्होंने बताया, "एएसआई के अधीक्षण पुरातत्वविद को सोमवार को लिखे पत्र में बोर्ड ने एएसआई से अनुरोध किया है विशेषज्ञ ढांचे का मुआयना करें ताकि क्षतिग्रस्त गुबंद के मलबे को शोध के लिए संरक्षित किया जा सके और मरम्मत के लिए काम किया जा सके।"
यह भी पढ़े | कोरोना का कहर: मणिपुर में गुरुवार से 14 दिनों के लिए लगेगा पूरी तरह लॉकडाउन.
अधिकारी ने बताया कि दिल्ली वक्फ अधिसूचित विरासत इमारत का संरक्षक है। बोर्ड ने मस्जिद को हुए नुकसान की जानकारी विरासत संरक्षण समिति के सदस्य सचिव को दे दी है और यह भी बताया दिया है कि निरीक्षण की जरूरत है।
उन्होंने, " हमने एएसआई से मदद मांगी है, क्योंकि उनके पास विशेषज्ञ हैं जो हमें बता सकते हैं कि मरम्मत का काम कैसे किया जाए। फिलहाल हमारी चिंता मलबे को हटाने की है, क्योंकि मस्जिद को और क्षति पहुंच सकती है।
बोर्ड की एक टीम ने मंगलवार को मस्जिद का मुआयना किया था,जिसमें बोर्ड के कार्यवाहक मुख्य कार्यकारी अधिकारी तनवीर अहमद भी थे।
ऐतिहासिक संदर्भों के मुताबिक, यह मस्जिद 1823 में मुबारक बेगम ने बनवाई थी ।
बोर्ड के अधिकारियों ने बताया कि मध्य गुंबद के ढहने की वजह से कोई हताहत नहीं हुआ, क्योंकि सुबह पौने सात बजे हुई घटना के वक्त मस्जिद में कोई नहीं था।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)