नयी दिल्ली,17 अगस्त आम आदमी पार्टी के ओखला से विधायक अमानतुल्ला खान का दिल्ली वक्फ बोर्ड का सदस्य बनना लगभग तय हो गया है। बोर्ड के चुनाव के लिये नामांकन भरने की प्रक्रिया सोमवार को संपन्न हो गई।
खान के अलावा, किसी अन्य विधायक ने बोर्ड के सदस्य पद के लिये नामांकन नहीं भरा। इस पद के लिये 25 अगस्त को चुनाव होना है।
चुनाव प्रक्रिया से संबद्ध एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कहा, ‘‘अमानतुल्ला के अलावा किसी अन्य विधायक ने नामांकन नहीं भरा है, जबकि यह प्रक्रिया आज संपन्न हो गई। अब नामांकन पत्र की जांच की जाएगी। ’’
इसके साथ ही, खान के लगातार तीसरी बार दिल्ली वक्फ बोर्फ के सदस्य बनने की संभावना है।
यह भी पढ़े | Nithyananda: भगोड़ा नित्यानंद गणेश चतुर्थि पर रिजर्व बैंक की करने जा रहा है स्थापना.
एक नोटिस में कहा गया है कि नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख 19 अगस्त है।
अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली में सत्तारूढ आप के पांच मुस्लिम विधायक हैं लेकिन यह सदस्य-विधायक हमेशा ही निर्विरोध चुने जाते रहे हैं।
इस सात सदस्यीय बोर्ड में चार निर्वाचित सदस्य--एक विधायक, एक मौजूदा या पूर्व सांसद, मुतवल्ली (प्रबंधक या संरक्षक) और बार काउंसिल से एक व्यक्ति शामिल हैं।
वहीं, शेष तीन मनोनीत सदस्यों में दिल्ली सरकार का एक अधिकारी (जो अभी रिक्त है), एक सामाजिक कार्यकर्ता और एक मुस्लिम विद्वान शामिल हैं।
सदस्य(विधायक) के चुनाव के बाद, बोर्ड के अध्यक्ष का चुनाव होगा।
इस साल की शुरूआत में विधानसभा चुनाव होने के कारण सदस्य (विधायक) का पद रिक्त हो गया था।
अधिकारियों ने बताया कि खान बोर्ड का अध्यक्ष बनने की दौड़ में भी आगे हैं।
खान 2016 में भी करीब छह महीने के लिये बोर्ड का अध्यक्ष रह चुके हैं। इसके बाद वह सितंबर 2018 से मार्च 2020 तक भी इस पद पर रहे।
वक्फ बोर्ड दिल्ली में मस्जिदों, कब्रिस्तानों, स्कूलों, आवासीय भवनों, दुकानों जैसी 2,000 से अधिक संपत्तियों का संरक्षण है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)












QuickLY