देश की खबरें | दिल्ली : बिजली मंत्री आतिशी ‘बीमार’ पड़ीं, डीईआरसी के अध्यक्ष का शपथ ग्रहण छह जुलाई तक टला

नयी दिल्ली, तीन जुलाई दिल्ली की बिजली मंत्री आतिशी सोमवार को दिल्ली विद्युत नियामक आयोग (डीईआरसी) के नामित अध्यक्ष न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) उमेश कुमार को पद की शपथ दिलाने वाली थीं, लेकिन अचानक उन्हें ‘स्वास्थ्य संबंधी’ कुछ समस्याएं होने के कारण कार्यक्रम छह जुलाई तक के लिए टाल दिया गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

इलाहाबाद उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश कुमार को 21 जून को डीईआरसी का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। आम आदमी पार्टी (आप) के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार ने उच्चतम न्यायालय में उनकी नियुक्ति को चुनौती दी थी।

सेवा पर नियंत्रण से जुड़े केंद्र के अध्यादेश के बाद डीईआरसी अध्यक्ष की नियुक्ति दिल्ली सरकार और उपराज्यपालय वी के सक्सेना के बीच हालिया टकराव का कारण बनी है। ‘आप’ ने इस अध्यादेश को भी शीर्ष अदालत में चुनौती दी है।

राज निवास के अधिकारियों के अनुसार, आतिशी ने नामित अध्यक्ष को पत्र लिखा और अपनी उपस्थिति में शपथ लेने के लिए उनकी उपलब्धता के बारे में पूछा। अधिकारियों ने कहा, ‘‘इसके बाद न्यायमूर्ति कुमार ने शपथ के दिन की पुष्टि की।’’

उन्होंने बताया कि बाद में आतिशी के बीमार पड़ने के कारण कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया।

दिल्ली सरकार ने एक बयान में कहा, ‘‘बिजली मंत्री आतिशी आज कार्यालय आई थीं और उनके कार्यक्रम में डीईआरसी के नामित अध्यक्ष को शपथ दिलाने का कार्यक्रम भी शामिल था। हालांकि, उन्हें अचानक स्वास्थ्य संबंधी समस्या हो गई, जिसके कारण उनकी सभी बैठकें और आधिकारिक कार्यक्रम (डीईआरसी के नामित अध्यक्ष को शपथ दिलाने सहित) स्थगित करने पड़े।’’

बयान में कहा गया है कि नये डीईआरसी अध्यक्ष का शपथ ग्रहण समारोह आगामी बृहस्पतिवार को पुनर्निर्धारित किया गया है।

दिल्ली के उपराज्यपाल सक्सेना ने 27 जून को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को पत्र लिखकर पूर्व न्यायाधीश कुमार को पद की शपथ दिलाने में ‘अनावश्यक देरी’ को लेकर चिंता जताई थी।

सूत्रों ने कहा कि केजरीवाल ने उसी दिन आतिशी को पत्र भेजा और उन्हें ‘जितनी जल्दी हो सके’ शपथ दिलाने के लिए कहा।

पिछले सप्ताह न्यायमूर्ति कुमार को लिखे अपने पत्र में आतिशी ने शपथ ग्रहण समारोह में देरी को लेकर भ्रम की स्थिति के लिए बिजली विभाग को जिम्मेदार ठहराया था।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)