नयी दिल्ली, आठ अगस्त दिल्ली के उप राज्यपाल वी.के.सक्सेना ने इस साल के शुरुआत में प्रतिबंधित संगठन सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे)की ओर से कथित तौर पर ‘खालिस्तान जिंदाबाद’ जैसे राष्ट्र विरोधी नारे दीवारों पर लिखने के आरोपी दो लोगों के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी दे दी है। राजनिवास के अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि आरोपी विक्रम सिंह और बलराम सिंह को दिल्ली पुलिस ने विकासपुरी, जनकपुरी, पश्चिम विहार, पीरागढ़ी, मीरा बाग और पश्चिमी दिल्ली के अन्य आसपास के इलाकों में खालिस्तान समर्थक कई नारे लिखने के आरोप में 19 जनवरी 2023 को गिरफ्तार किया था।
अधिकारियों ने बताया कि जांच के दौरान आरोपियों ने खुलासा किया कि वे भगोड़े अलगाववादी और एसएफजे के संस्थापक गुरपतवंत सिंह पन्नून के निर्देश पर ऐसे कृत्यों में संलिप्त थे।
उन्होंने बताया कि उप राज्यपाल ने दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी)-1973 की धारा- 196(1) के तहत दोनों आरोपियों के खिलाफ अभियोग चलाने की मंजूरी दी।
दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ ने भारतीय दंड संहिता की धारा- 153बी और 120बी के तहत हुए अपराध के सिलसिले में प्राथमिकी दर्ज की थी।
अधिकारियों ने बताया कि जांच के दौरान दिल्ली पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज से युक्त यूएसबी पेन ड्राइव, भुगतान के सबूत एकत्र किए और उन स्थानों पर उनके फोन की स्थिति का पता लगाया जहां पर देशविरोधी भित्तिचित्र बनाए गए थे।
उन्होंने बताया कि जांच के दौरान खुलासा हुआ कि सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो प्रसारित किए जा रहे थे जिसमें पन्नून ऐसी भित्तिचित्रों के जरिये अलगाववाद का समर्थन एवं प्रोत्साहन दे रहा था और भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता को नुकसान पहुंचाने की साजिश रच रहा था।
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