नयी दिल्ली, 19 जुलाई दिल्ली के उपराज्यपाल वी के सक्सेना और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग (डीईआरसी) के अध्यक्ष पद के लिए उम्मीदवारों के नामों पर चर्चा करने के लिए बुधवार को राज निवास में एक बैठक की। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों के मुताबिक, करीब एक घंटे तक चली इस बैठक के बारे में विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
इस बैठक से पहले दिल्ली सरकार ने डीईआरसी के अध्यक्ष पद के लिए उपराज्यपाल के सामने तीन नाम रखे थे।
उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को कहा था कि संवैधानिक पदों पर बैठे दोनों लोगों को ‘राजनीतिक कलह’ से ऊपर उठना होगा और इस बात पर विचार-विमर्श करना होगा कि दिल्ली बिजली विनियामक आयोग (डीईआरसी) का प्रमुख कौन बन सकता है।
शीर्ष अदालत इस मुद्दे पर बृहस्पतिवार को फिर से विचार करेगी।
डीईआरसी के अध्यक्ष का पद महत्वपूर्ण है, क्योंकि विनियामक राष्ट्रीय राजधानी में बिजली शुल्क तय करता है। नयी नियुक्ति को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) नीत सरकार तथा उपराज्यपाल कार्यालय में मतभेदों के कारण यह पद जनवरी से खाली पड़ा है।
केजरीवाल ने जनवरी में इस पद के लिए उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश राजीव कुमार श्रीवास्तव के नाम की सिफारिश की थी। हालांकि, श्रीवास्तव ने जून में व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए कार्यभार संभालने से खुद को अलग कर लिया था।
अधिकारियों के अनुसार, मुख्यमंत्री ने 21 जून को नये डीईआरसी अध्यक्ष के रूप में न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) संगीत लोढ़ा के नाम की सिफारिश की थी। इस बीच, केंद्र ने एक अधिसूचना के माध्यम से न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) उमेश कुमार को इस पद पर नियुक्त किया।
आप-नीत सरकार ने नियुक्ति को ‘‘अवैध और असंवैधानिक’’ बताते हुए इसका विरोध किया और कहा कि बिजली का विषय किसी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश की निर्वाचित सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है। आम आदमी पार्टी ने बाद में न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) कुमार की नियुक्ति को चुनौती देते हुए उच्चतम न्यायालय का रुख किया।
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