नयी दिल्ली, 19 जून दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज ने बुधवार को अस्पतालों के प्रमुखों के साथ एक आपात बैठक की और उन्हें गर्मी से संबंधित बीमारियों के रोगियों के लिए बिस्तरों की संख्या बढ़ाने का निर्देश दिया।
बैठक के दौरान, यह निर्णय लिया गया कि फुटपाथ पर पाए जाने वाले बेघरों को आश्रय गृहों में स्थानांतरित करने के लिए दिल्ली पुलिस के बीट अधिकारियों और गश्ती टीम से मदद मांगी जाएगी।
मंत्री ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘हीट स्ट्रोक के रोगियों के संबंध में विभिन्न अस्पतालों के प्रमुखों के साथ एक आपात बैठक की अध्यक्षता की। दिल्ली पुलिस के बीट अधिकारियों/गश्ती टीम से अनुरोध किया जाएगा कि वे बेघर लोगों को आश्रय गृहों में स्थानांतरित करने में मदद करें, यदि वे खुले आसमान के नीचे मिलते हैं।’’
उन्होंने कहा कि विभाग दिल्ली पुलिस आयुक्त को पत्र भेज रहा है कि वे अपनी गश्ती टीम को एम्बुलेंस बुलाने के लिए कहें, यदि उनकी टीम को कोई बेसहारा व्यक्ति तेज बुखार से पीड़ित या बीमार दिखाई दे।
भारद्वाज ने कहा, ‘‘अस्पतालों में गर्मी से संबंधित बीमारियों के मरीजों के लिए बिस्तरों की संख्या बढ़ाई जाएगी। अस्पतालों और सीएटीएस एम्बुलेंस सेवा को परिपत्र जारी किया गया है। रेडियो और समाचार पत्रों में परामर्श के लिए नए विज्ञापन दिए जाएंगे।’’
सभी अस्पतालों को भेजे गए एक पत्र में स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि बैठक में अस्पतालों को भीषण गर्मी से प्रभावित मरीजों के उपचार संबंधी त्वरित कदम उठाने को कहा गया है।
परिपत्र में कहा गया कि इस वर्ष लू चलने की लंबी अवधि के कारण, अस्पतालों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि आपातकालीन सेवाएं 24 घंटे चालू रहें और इस प्रकार के रोगियों को संभालने के लिए एक वरिष्ठ डॉक्टर हमेशा आपातकालीन सेवा में मौजूद रहें।
पिछले महीने भारद्वाज ने घोषणा की थी कि दिल्ली सरकार द्वारा संचालित अस्पतालों में ‘हीट स्ट्रोक’ के मरीजों के लिए दो-दो बिस्तर आरक्षित रहेंगे, जबकि लोक नायक जयप्रकाश (एलएनजेपी) अस्पताल में पांच बिस्तर आरक्षित रहेंगे।
अधिकारियों ने कहा कि भीषण गर्मी के मद्देनजर दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) ने लोगों को बीमार पड़ने से बचाने के लिए केंद्र की सलाह के बारे में व्यापक जागरूकता पैदा करने पर जोर दिया है।
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) द्वारा जारी किए गए परामर्श में विशेष रूप से दोपहर 12 बजे और शाम 3 बजे के दौरान सूरज की सीधी धूप के संपर्क में आने से बचने की सिफारिश की गई है।
सूचना एवं प्रचार निदेशालय (डीआईपी) को भेजे पत्र में डीडीएमए ने भीषण गर्मी को देखते हुए परामर्श का व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा है।
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