नयी दिल्ली, 27 जून दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को कहा कि दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग की लागत पूरे देश में सबसे कम है। केजरीवाल ने साथ ही इस बात पर भी जोर दिया कि दिल्ली अब देश की ईवी (इलेक्ट्रिक वाहन) राजधानी बन गई है।
केजरीवाल ने जीटीबी नगर में एक कार्यक्रम में 42 नये अत्यंत कम कीमत वाले ईवी चार्जिंग स्टेशन का उद्घाटन किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन 42 स्टोशन के साथ, दिल्ली में अब कुल 53 अत्यंत कम लागत वाले ईवी चार्जिंग स्टेशन हो गए हैं। उन्होंने बताया कि हाल के वर्षों में राष्ट्रीय राजधानी में ईवी की संख्या में वृद्धि के साथ वायु प्रदूषण में भी गिरावट आई है।
केजरीवाल ने कहा, ‘‘आंकड़ों से पता चलता है कि 2014 की तुलना में, पीएम2.5 और पीएम10 का स्तर 30 प्रतिशत कम हुआ है। इससे पहले वर्ष में, कई ऐसे दिन होते थे जब एक्यूआई (वायु गुणवत्ता सूचकांक) गंभीर श्रेणी में रहता था। ये ऐसे दिन होते थे जब प्रदूषण का स्तर बहुत अधिक होता था लेकिन अब, शायद ही कोई ऐसा दिन होता है।’’
उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार द्वारा ईवी नीति इसलिए बनाई गई क्योंकि वायु प्रदूषण पर अंकुश लगाने के अलावा, ‘‘भविष्य इलेक्ट्रिक वाहनों का है।’’
आम आदमी पार्टी (आप) के नेता केजरीवाल ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में, दिल्ली "भारत की ईवी राजधानी" बन गई है।
केजरीवाल ने कहा, ‘‘हमने अगस्त 2020 में इलेक्ट्रिक वाहन नीति पेश की। हमारा लक्ष्य था कि 2025 तक, दिल्ली में खरीदे गए सभी नए वाहनों में से कम से कम 25 प्रतिशत ईवी हों। अब तक, दिल्ली में खरीदे गए सभी नए वाहनों में से 13 प्रतिशत ईवी हैं। इस समय राष्ट्रीय औसत 6 प्रतिशत है। अगस्त 2020 से अब तक, दिल्ली में 1.28 लाख ईवी खरीदे गए हैं।’’
उन्होंने कहा कि इस दिशा में आप सरकार द्वारा की गई प्रगति के कारण ही दिल्ली को अब "भारत की ईवी राजधानी" कहा जाता है। उन्होंने कहा कि देश में सबसे अधिक ईवी इसी शहर में खरीदी जाते हैं।
नीति आयोग की एक रिपोर्ट को उल्लेखित करते हुए, जिसमें अन्य राज्यों से दिल्ली से सीख लेने का आग्रह किया गया है, मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी की ईवी नीति अब दुनिया की सर्वश्रेष्ठ नीतियों में से एक मानी जा रही है।
उन्होंने कहा, ‘‘इस नीति के चार प्रमुख तत्व हैं जिन्होंने इसे इतना सफल बनाया है। पहला तत्व सरकार द्वारा प्रदान की जाने वाली सब्सिडी है। इलेक्ट्रिक वाहन अन्य वाहनों की तुलना में थोड़े अधिक महंगे हैं और इसलिए, हम इन वाहनों पर सब्सिडी प्रदान करते हैं। दूसरा पहलू इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन है। दिल्ली सरकार ने पूरे शहर में चार्जिंग स्टेशन का एक नेटवर्क स्थापित किया है।"
उन्होंने कहा कि तीसरा पहलू प्रति इकाई दर या लागत है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में ईवी स्कूटर चलाने में प्रति किलोमीटर सात पैसे का खर्च आता है। केजरीवाल ने कहा कि अगर कोई स्कूटर पेट्रोल से चलता है तो इसकी लागत 1.75 रुपये प्रति किलोमीटर आती है।
उन्होंने कहा कि तिपहिया वाहनों के मामले में सीएनजी वाहन की लागत 2.6 रुपये प्रति किलोमीटर है, लेकिन ईवी तिपहिया वाहन की लागत 9 पैसे या 0.09 रुपये प्रति किलोमीटर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि चार पहिया वाहन के मामले में, पेट्रोल से चलने वाली कार की लागत 7 रुपये प्रति किलोमीटर है, लेकिन ईवी की लागत 0.36 रुपये प्रति किलोमीटर है।
उन्होंने कहा कि देश में सबसे अधिक ईवी चार्जिंग स्टेशन दिल्ली में हैं। उन्होंने कहा कि शहर में भारत के कुल इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन की एक तिहाई संख्या है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में 4,646 चार्जिंग पॉइंट और 250 बैटरी-स्वैपिंग स्टेशन हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘अगर हम देशभर में सभी ईवी की इलेक्ट्रिक खपत को देखें, तो इसका 55 प्रतिशत अकेले दिल्ली में होता है। इसका मतलब है कि देशभर में चलने वाले आधे से अधिक इलेक्ट्रिक वाहन दिल्ली और उसके आसपास चलते हैं।’’
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