नयी दिल्ली, 23 मई दिल्ली की वायु गुणवत्ता सुधारने के उद्देश्य से दिल्ली सरकार राष्ट्रीय राजधानी के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में जीपीएस लगे आठ ‘हाइड्रोलिक एंटी स्मॉग गन’ वाहन तैनात करने की तैयारी कर रही है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने कहा कि यह कार्यक्रम मानसून अवधि को छोड़कर 10 महीने तक जारी रहेगा, जिसका लक्ष्य हवा में मौजूद कणों को काफी हद तक कम करना और वायु गुणवत्ता में सुधार करना है।
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि सीएनजी से चलने वाला प्रत्येक वाहन (ट्रक) एक उन्नत ‘एंटी-स्मॉग गन’ से लैस है। यह 30 मीटर की क्षैतिज दूरी पर महीन धुंध को तितर-बितर करने और 330 डिग्री घूमने में सक्षम है, जिससे धूल को दबाया जा सकेगा।
उन्होंने कहा कि वाहन जून 2025 से काम शुरू करेंगे। दिल्ली राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम (डीएसआईआईडीसी) के सहयोग से इस पहल को प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में क्रियान्वित किया जाएगा।
प्रत्येक वाहन प्रतिदिन दो पालियों में कुल आठ घंटे तक काम करेगा।
सिरसा ने कहा, "हमारी सरकार पर्यावरण की रक्षा करते हुए औद्योगिक विकास सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। हम औद्योगिक कचरे को कम करने और बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए ठोस कदम उठा रहे हैं।”
फिलहाल डीएसआईआईडीसी बवाना और नरेला औद्योगिक क्षेत्रों में आठ ‘वाटर स्प्रिंकलर’ और तीन ‘एंटी-स्मॉग गन’ संचालित करता है।
नए वाहन पटपड़गंज, ओखला फेज-3, ए ब्लॉक और एस ब्लॉक फेज 2, झिलमिल, नांगलोई, उद्योग विहार, बादली और भोरगढ़ में तैनात होंगे।
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