नयी दिल्ली, 20 अगस्त दिल्ली सरकार ने सर्दियों के मौसम से पहले राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण के कारक दूसरे प्रदेशों के स्रोतों से निपटने हेतु पड़ोसी राज्यों के साथ सहयोग के लिए केंद्र से सहायता मांगी है।
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने मंगलवार को केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव को एक पत्र लिखकर वायु प्रदूषण से निपटने हेतु एक साझा रणनीति बनाने के मुद्दे पर चर्चा करने के लिए उनसे मिलने का समय मांगा।
राय ने केंद्र से अनुरोध किया कि वह प्रदूषण से निपटने के लिए दिल्ली और उसके पड़ोसी राज्यों के बीच सहयोग को सुगम बनाकर कड़ी कार्रवाई करे।
राय ने अपने पत्र में कहा, ‘‘ मेरा मानना है कि केंद्र सरकार के सहयोग से हम दिल्ली सरकार द्वारा रखी गई नींव पर काम कर सकते हैं और इस संकट के दीर्घकालिक समाधान की दिशा में काम कर सकते हैं। मुझे विश्वास है कि आप सभी के लिए स्वच्छ और स्वस्थ भविष्य सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाएंगे। ’’
राय ने कहा कि दिल्ली में हर साल, विशेषकर सर्दियों के मौसम में, वायु प्रदूषण का संकट लाखों लोगों के स्वास्थ्य और कल्याण पर गंभीर प्रभाव डालता है। वायु प्रदूषण के कारण विशेष रूप से बुजुर्ग, बच्चे और श्वसन संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोग अधिक प्रभावित होते हैं।
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री ने संकट को कम करने के लिए केजरीवाल सरकार द्वारा उठाए गए विभिन्न उपायों पर भी प्रकाश डाला।
राय ने कहा, ‘‘हम इस समस्या से निपटने के लिए नियमित रूप से कई पहल करते हैं, जैसे कि सम-विषम वाहन योजना को लागू करना, इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना और सार्वजनिक परिवहन के फेरे बढ़ाना आदि। इसके अलावा हमने पटाखों पर प्रतिबंध लगाया है, बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण अभियान चलाया है और औद्योगिक इकाइयों को स्वच्छ पीएनजी ईंधन पर स्थानांतरित किया है।’’
उन्होंने कहा कि दिल्ली में वायु की गुणवत्ता, विशेष रूप से नवंबर और दिसंबर के महीने के दौरान खतरनाक स्तर तक पहुंच जाती है, जिसका मुख्य कारण राज्य सरकार के नियंत्रण से परे कुछ कारक हैं।
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