नयी दिल्ली, 14 जुलाई राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने राष्ट्रीय राजधानी में अवैध भूजल दोहन रोकने के लिए दिल्ली सरकार को मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) लागू करने का निर्देश दिया है।
एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि 15 फीसदी भूजल 40 मीटर से नीचे पहुंच गया है।
अधिकरण को बताया गया कि पर्यावरण विभाग, दिल्ली सरकार ने ‘भूजल दोहन के नियमन, बोरवेल/ट्यूबवेल के इस्तेमाल से जुड़ी अवैध गतिविधियों को बंद करने, प्रतिबंधित करने’ के नाम से एक एसओपी तैयार किया है।
हरित पैनल को सूचित किया गया कि एसओपी में स्पष्ट तौर पर जिम्मेदारी तय की गई है जो दिल्ली जल बोर्ड, स्थानीय निकायों, प्रखंड विकास पदाधिकारियों को दी गई है ताकि वे अवैध बोरवेल की पहचान करें।
दिल्ली सरकार ने कहा, ‘‘हर जिले के लिए एक अंतरविभागीय सलाहकार समिति बनाई गई है जो उपायुक्तों का सहयोग करेगी। देखा गया है कि अवैध बोरवेल खोदने में ड्रिलिंग मशीन का इस्तेमाल किया जाता है।’’
इससे पहले अधिकरण ने ‘‘टैंकर माफिया’’ द्वारा महानगर में भूजल दोहन करने की लगातार मिल रही शिकायतों पर चिंता जताई थी।
अधिकरण महानगर के निवासी राकेश कुमार की याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिन्होंने आरोप लगाए कि जल भरने वाले संयंत्र बिना लाइसेंस के चल रहे हैं और यहां कश्मीरी गेट इलाके में निवासियों को दूषित जल की आपूर्ति कर रहे हैं।
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