ताजा खबरें | दिल्ली विधेयक चर्चा नौ अंतिम रास

चर्चा में हस्तक्षेप करते हुए केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने आरोप लगाया कि दिल्ली की आप सरकार योजनाओं को लागू करने के बदले उनके विज्ञापन पर अधिक जोर देती है। उन्होंने 2014 में आप नेताओं द्वारा किए गए प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए हुए पार्टी का गठन भ्रष्टाचार के खिलाफ हुआ था लेकिन उसकी रवैया बदल गया। उन्होंने आप को अराजकतावादी करार दिया।

पुरी ने कहा कि दिल्ली में आयुष्मान भारत सहित कई केंद्रीय योजनाओं को लागू नहीं किया गया और कहा गया कि दिल्ली में विश्वस्तरीय मुहल्ला क्लीनिक हैं। पुरी ने दावा किया कि इन मुहल्ला क्लीनिक की स्थिति बहुत खराब है।

भाजपा के भुवनेश्वर कालिता ने कहा कि दिल्ली की स्थिति अलग है और यह पूर्ण राज्य नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार की दिलचस्पी लोगों के कल्याण में नहीं है।

समाजवादी पार्टी के जावेद अली खान और झामुमो की महुआ माझी ने विधेयक का विरोध करते हुए इसे अलोकतांत्रिक बताया।

तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ ब्रायन ने आरोप लगाया कि यह सरकार संघवाद की भावना को नुकसान पहुंचा रही है। इस सरकार के अधिकतकर विधेयक संघवाद की भावना विरोधी रहे हैं। उन्होंने भाजपा सदस्यों की टोकाटोकी के बीच आरोप लगाया कि केंद्र सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ दोहरा मानदंड अपना रही है। उन्होंने सवाल किया कि गैर-भाजपा शासित राज्यों में कोई भी घटना होने पर भाजपा अपनी टीम वहां भेजती है लेकिन भाजपा शासित राज्यों में वह ऐसी टीम क्यों नहीं भेजती है।

चर्चा के दौरान एक समय सभापति जगदीप धनखड़ ने ब्रायन के हावभाव आपत्ति जताते हुए उन्हें निलंबित करने की चेतावनी दी।

राजद सदस्य ए डी सिंह ने विधेयक का विरोध किया।

भाजपा के अनिल जैन, सुरेंद्र सिंह नागर, कविता पाटीदार, अन्नाद्रमुक सदस्य एम थंबीदुरै, टीएमसी (एम) जी के वासन, भाकपा के संतोष कुमार पी, निर्दलीय अजीत कुमार भुयान, केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले आदि ने भी चर्चा में भाग लिया।

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