नयी दिल्ली, 24 दिसंबर दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को बांग्लादेशी नागरिकों की कथित तौर पर अवैध घुसपैठ करवाने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश करने का दावा करते हुए 11 लोगों को गिरफ्तार किया है।
एक अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार किए गए 11 लोगों में से चार लोग बांग्लादेशी नागरिक हैं और अन्य लोग कथित तौर पर फर्जी तरीके से दस्तावेज बनाने में संलिप्त पाए गए।
पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) (दक्षिण) अंकित चौहान ने बताया, ‘‘हमारी टीम ने 21 अक्टूबर को संगम विहार में हत्या के एक मामले में शामिल चार लोगों को ढूंढ निकाला, जिसके बाद गिरोह का भंडाफोड़ हुआ।’’
बांग्लादेशी नागरिक मिदुल मियां उर्फ आकाश अहमद तथा फरदीन अहमद उर्फ अभि अहमद को उनकी पत्नियों के साथ सेंतू शेख उर्फ राजा की हत्या के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया।
अधिकारी ने कहा, ‘‘पूछताछ के दौरान आरोपियों ने खुलासा किया कि उनके पड़ोस में रहने वाला सेंटू उन्हें छोटी-छोटी बातों पर धमकाता था। जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी अवैध रूप से भारत में घुस आए थे और कई सालों से संगम विहार में रह रहे थे।’’
उनके पास बांग्लादेश का पहचान पत्र और जन्म प्रमाण पत्र पाए गए। पीड़ित के घर से करीब 21 आधार कार्ड, चार मतदाता पहचान पत्र और आठ पैन कार्ड भी बरामद किए गए।
चौहान ने बताया कि जांच के लिए सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) अभिनेंद्र जैन और नीरज टोकस की निगरानी में निरीक्षक उमेश यादव तथा उमेश शर्मा के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई थी।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों से पूछताछ के बाद रोहिणी सेक्टर -5 पर स्थित ‘पूनम आनलाइन कंप्यूटर सेंटर’ के संचालक साहिल सहगल (26) को गिरफ्तार किया गया। इस सेंटर में फर्जी पहचानपत्र का इस्तेमाल करके आधार कार्ड और दूसरे दस्तावेज बनाए गए थे। सहगल ने खुलासा किया कि मृतक सेंटू शेख उर्फ राजा के जरिए बांग्लादेश के अवैध प्रवासियों ने उससे संपर्क किया था।
अधिकारी ने कहा, ‘‘साहिल ने जाली जन्म प्रमाण पत्र बनाने के लिए फर्जी वेबसाइट का इस्तेमाल किया और आधार कार्ड की प्रक्रिया के लिए अपने सहयोगी रंजीत को भेज दिया।’’
रोहिणी सेक्टर सात निवासी रंजीत, सेक्टर 5 में स्थित कर्नाटक बैंक में अधिकृत आधार कार्ड ‘ऑपरेटर’ अफरोज (25) के साथ काम करता था और उसने फर्जी जन्म प्रमाणपत्रों से आधार कार्ड बनाने में अफरोज ने मदद की थी। इन दोनों को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
इन दस्तावेजों के लिए ‘पेटीएम’ के माध्यम से उत्तम नगर निवासी मोहम्मद चांद (28) को भुगतान किया जाता था और उसे दिल्ली के विकास नगर से गिरफ्तार कर लिया। चांद खुद दो प्रतिशत कमीशन रखता और शेष रकम उत्तम नगर निवासी सद्दाम हुसैन को हस्तांतरित कर देता था।
पुलिस ने सद्दाम को भी गिरफ्तार किया और जांच में पता चला कि वेबसाइट का संचालन उसका सहयोगी दीपक मिश्रा करता था।
पुलिस ने दीपक मिश्रा (34) को अंबाला में पकड़ लिया और वेबसाइट विकसित करने वाले उसके साले सोनू कुमार को नोएडा से गिरफ्तार कर लिया।
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