चार अगस्त की रात घरों में दीपमालाएं जला कर भगवान राम की पूजा और सुंदरकांड का पाठ करें: शिवराज सिंह चौहान
अयोध्या में पांच अगस्त को राम मंदिर शिलान्यास कार्यक्रम को ऐतिहासिक बनाने के मद्देनजर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को लोगों से अपील की है कि वे चार अगस्त की रात को अपने-अपने घरों में दीपमालाएं जलाकर भगवान राम की पूजा करने के साथ-साथ सुंदरकांड का पाठ भी करें. इस आनंद के प्रकटीकरण के लिए अपने घरों को 4 व 5 अगस्त की रात दीपोत्सव से सजायें.
भोपाल, 3 अगस्त: अयोध्या में पांच अगस्त को राम मंदिर शिलान्यास कार्यक्रम को ऐतिहासिक बनाने के मद्देनजर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) ने सोमवार को लोगों से अपील की है कि वे चार अगस्त की रात को अपने-अपने घरों में दीपमालाएं जलाकर भगवान राम की पूजा करने के साथ-साथ सुंदरकांड का पाठ भी करें. पिछले नौ दिनों से भोपाल (Bhopal) स्थित चिरायु मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में कोरोना वायरस संक्रमण का अपना इलाज करवा रहे चौहान ने वीडियो संदेश जारी करने के साथ-साथ ट्वीट किया, "हम सौभाग्यशाली हैं कि हमारे सामने भगवान राम की जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण प्रारम्भ हो रहा है. हम पर प्रभु राम की असीम कृपा है. राम हमारे रोम-रोम में रमे हैं. राम हमारी हर सांस में बसे हैं."
उन्होंने कहा, "मंदिर के निर्माण के साथ ही देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में रामराज्य आएगा."चौहान ने कहा, "सारा देश गदगद और प्रसन्न है. मेरी सभी से अपील है कि चार अगस्त की रात को अपने-अपने घर दीपमालाएँ और विद्युत बल्ब की लड़ियाँ जलाएँ. हम प्रत्यक्ष रूप से अयोध्या नहीं जा सकते, लेकिन घर पर रहकर ही भगवान राम की पूजा करें, सुंदरकांड का पाठ करें."
उन्होंने कहा, "हम पर प्रभु श्रीराम की असीम कृपा है. राम हमारे अस्तित्व हैं, राम हमारे आराध्य हैं, राम हमारे भगवान हैं और राम भारत की पहचान हैं. मैं और देश-प्रदेश की जनता पांच अगस्त की उस शुभ घड़ी का इंतज़ार कर रहे हैं जिसके लिए असंख्य लोगों ने अपना सर्वस्व न्योछावर किया." चौहान ने कहा, "राम राजा की जय! ओरछा में श्री रामराजा विराजते हैं. ये ही राजा हैं प्रदेश के. चार व पांच अगस्त को रामराजा मंदिर को विशेष रूप से सजाया जायेगा और पुजारीगण द्वारा विशेष पूजा-अर्चना की जायेगी. कोविड-19 संक्रमण न फैल, इसके लिए सभी ओरछावासी घर पर ही रहकर रामराजा की आराधना कर दीपोत्सव मनाएँ."
उन्होंने कहा, "चित्रकूट के घाट पर, भई संतन की भीर, तुलसीदास चंदन घिसें, तिलक देत रघुवीर. चित्रकूट जनता की आस्था का केंद्र है. प्रभु श्रीराम ने अपने वनवास का समय यहां व्यतीत किया. श्रीराम और भरत का मिलाप भी यहीं हुआ. कामदगिरी पर्वत, सीतापुर, हनुमानधारा, कामतानाथ मंदिर यहां के प्रमुख स्थल हैं. चित्रकूट में भी पुजारियों द्वारा मंदिरों में विशेष पूजा की जायेगी. सभी चित्रकूटवासी अपने-अपने घरों में रहकर भगवान श्रीराम का स्मरण करेंगे."
चौहान ने कहा, "कवन सो काज कठिन जग माही. जो नहीं होइ तात तुम पाहीं. हम धन्य हैं, अत्यंत सौभाग्यशाली हैं. हमारे सामने भगवान श्री राम की जन्मभूमि पर भगवान श्री राम के मंदिर का निर्माण प्रारंभ हो रहा है. इस आनंद के प्रकटीकरण के लिए अपने घरों को 4 व 5 अगस्त की रात दीपोत्सव से सजायें. जय सियाराम!"
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(The above story first appeared on LatestLY on Aug 03, 2020 03:03 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

