देश की खबरें | 65 साल से अधिक उम्र के मतदाताओं को डाक मतपत्र की अनुमति देने का निर्णय वापस लिया जाए: तृणमूल

कोलकाता, छह जुलाई तृणमूल कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग से 65 साल से अधिक उम्र के लोगों को डाक मतपत्र के जरिए मतदान की अनुमति देने का फैसला रद्द करने की सोमवार को अपील की और इस फैसले को ‘‘मनमाना और असंवैधानिक’’ बताया।

ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पार्टी ने निर्वाचन आयोग को लिखे पत्र में कहा कि कोरोना वायरस वैश्विक महामारी के मद्देनजर पिछले महीने लिया गया यह फैसला भारतीय लोकतंत्र के लिए ‘‘खतरा’’ है।

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तृणमूल महासचिव सुब्रत बख्शी ने पत्र में लिखा कि 65 साल से अधिक उम्र के लोगों को डाक मतपत्र के जरिए मतदान की अनुमति देने का फैसला मनमाना, दुर्भावनापूर्ण और असंवैधानिक है। यह मतदान की गोपनीयता और मुक्त एवं निष्पक्ष चुनाव के अधिकार के खिलाफ है।

मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुनील अरोड़ा को संबोधित पत्र में लिखा गया है, ‘‘हमारा दल माननीय निर्वाचन आयोग से यह संशोधन रद्द करने की अपील करता है। हम यह भी उम्मीद करते हैं कि निर्वाचन आयोग भारतीय संविधान के तहत उसे दिए गए अधिकारों को हड़पने से केंद्र को रोकेगा और हस्तक्षेप करेगा।’’

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उल्लेखनीय है कि विधि मंत्रालय ने अक्टूबर 2019 में 80 साल या उससे अधिक आयु के लोगों को लोकसभा और विधानसभा चुनाव के दौरान डाक मतपत्र के जरिए मतदान की अनुमति दे दी थी।

मंत्रालय ने इस साल 19 जुलाई को नियमों में बदलाव को अधिसूचित किया, जिसमें 65 वर्ष या उससे अधिक आयु के लोगों को डाक मतपत्र के जरिए मतदान की अनुमति देने की बात की गई है।

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