देश की खबरें | एमएसपी पर फैसला सरकार की प्राथमिकताओं के अनुरूप, करोड़ों किसान लाभान्वित होंगे: मोदी
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 21 सितंबर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को गेहूं व चना सहित रबी की छह फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में वृद्धि किए जाने को अपनी सरकार की प्राथमिकताओं के अनुरूप लिया गया ‘‘ऐतिहासिक’’ फैसला बताया और कहा कि इससे करोड़ों किसान लाभान्वित होंगे।

उन्होंने सिलसिलेवार ट्वीट कर कहा कि किसानों के कल्याण के लिए कार्य करना उनके लिए बड़े सौभाग्य की बात है और इस फैसले से न सिर्फ किसानों की गरिमा व समृद्धि सुनिश्चित होगी बल्कि उनकी आय भी दोगुनी करने में मदद मिलेगी।

यह भी पढ़े | Bihar Assembly Election 2020: बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर SP का बड़ा ऐलान, किसी भी पार्टी से नहीं करेगी गठबंधन, आरजेडी को दिया अपना समर्थन.

उन्होंने कहा, ‘‘अन्नदाताओं के हित में काम करने की हमारी प्राथमिकताओं के अनुरूप कैबिनेट ने एमएसपी बढ़ाने का एक और ऐतिहासिक निर्णय लिया है। इससे करोड़ों किसान लाभान्वित होंगे।’’

उन्होंने कहा कि अधिक एमएसपी जहां किसानों को सशक्त करेगी, वहीं उनकी आय दोगुनी करने में भी मदद करेगी।

यह भी पढ़े | Fit India Movement: फिट इंडिया डायलॉग में फिटनेस के जुनूनी लोगों से बात करेंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी.

उन्होंने कहा, ‘‘कृषि सुधारों को संसद की मंजूरी के साथ बढ़ी हुई एमएसपी से अन्नदाताओं की गरिमा और समृद्धि सुनिश्चित होगी। जय किसान!’’

मालूम हो कि आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति (सीसीईए) ने एक महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए छह रबी फसलों की एमएसपी में वृद्धि के निर्णय को मंजूरी प्रदान की।

सरकार का यह फैसला ऐसे समय में आया है जब कृषि सुधार विधेयकों, कृषि उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्द्धन और सुविधा) विधेयक-2020 और कृषक (सशक्तीकरण एवं संरक्षण) कीमत आश्वासन समझौता और कृषि सेवा पर करार विधेयक-2020, को विपक्ष के भारी विरोध के बावजूद संसद ने मंजूरी दे दी।

कांग्रेस सहित कई अन्य विपक्षी दल इस विधेयक को किसान विरोधी बताते हुए इसका विरोध कर रहे हैं। कांग्रेस का कहना है कि इन दोनों विधेयकों के कारण देश के किसानों में एमएसपी पर खरीद को लेकर आशंकाएं उत्पन्न हो गई हैं जिन्हें सरकार को दूर करना चाहिए।

सत्ताधारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में भाजपा की सहयोगी शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने भी इन विधेयकों का विरोध किया है। पार्टी की नेता हरसिमरत कौर बादल ने इस मुद्दे पर केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया है।

शिअद के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से इन विधेयकों पर हस्ताक्षर न करने का अनुरोध किया है।

सरकार ने गेहूं की एमएसपी 50 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाकर 1,975 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है। चने की एमएसपी में 225 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है और यह बढ़कर 5,100 रूपये प्रति क्विंटल हो गई है। मसूर का न्यूनतम समर्थन मूल्य 300 रूपये प्रति क्विंटल बढ़ाया गया है और यह 5,100 रूपये प्रति क्विंटल हो गया है।

सरसों के एमएसपी में 225 रूपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है और यह बढ़कर 4,650 रूपये प्रति क्विंटल हो गई है। जौ के न्यूनतम समर्थन मूल्य में 75 रूपये की वृद्धि के बाद यह 1,600 रूपये प्रति क्विंटल और कुसुम तिलहन के एमएसपी में 112 रूपये प्रति क्विंटल की वृद्धि के साथ यह 5,327 रूपये प्रति क्विंटल हो गई है।

ब्रजेन्द्र

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)