पणजी, एक जुलाई शिवसेना के बागी विधायक दीपक केसरकर ने शुक्रवार को कहा कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस शक्ति परीक्षण के बाद कैबिनेट विस्तार पर फैसला लेंगे।
नयी सरकार का शक्ति परीक्षण चार जुलाई को होना है।
केसरकर गोवा में एक रिसॉर्ट में पत्रकारों से बात कर रहे थे, जहां शिंदे गुट के शिवसेना विधायक ठहरे हुए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘शक्ति परीक्षण के बाद, मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री कैबिनेट विस्तार पर फैसला करेंगे।’’
केसरकर ने दावा किया कि बागी विधायकों को मंत्रिमंडल में शामिल करने या विभागों के बंटवारे पर अभी तक कोई चर्चा नहीं हुई है।
इस वायरल मजाक पर कि शिंदे के नेतृत्व वाली सरकार एक 'ईडी' (प्रवर्तन निदेशालय) सरकार है, उन्होंने कहा, ‘‘ईडी' का मतलब एकनाथ और देवेंद्र है, जो महाराष्ट्र की बेहतरी के लिए काम करेंगे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘दूसरा ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) आपको जांच के लिए समन करेगा... आपको उसके सामने पेश होना चाहिए, अपना स्पष्टीकरण देना चाहिए और क्लीन चिट लेनी चाहिए।’’
उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना के साथ-साथ अन्य विपक्षी दलों ने अक्सर केंद्र सरकार पर भाजपा के विरोधियों को परेशान करने के लिए ईडी का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है।
केसरकर ने कहा कि शिंदे के मुख्यमंत्री बनने से शिवसेना के संस्थापक बालासाहेब ठाकरे का सपना पूरा हो गया है। उन्होंने कहा, ‘‘बालासाहेब हमेशा एक शिवसैनिक को राज्य का मुख्यमंत्री बनाना चाहते थे।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि राकांपा प्रमुख शरद पवार ने उद्धव ठाकरे को मुख्यमंत्री बनने के लिए मजबूर किया जब उनकी पार्टी ने 2019 में राकांपा और कांग्रेस के साथ गठबंधन में सरकार बनायी।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY