जरुरी जानकारी | ऋण राहत योजना: यूनियनों ने ठाकरे से हस्तक्षेप की अपील की

मुंबई, 28 जून बैंक यूनियनों ने किसानों के लिए ऋण राहत योजना में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से हस्तक्षेप की अपील की है। यूनियनों ने इस बारे में मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा है कि इस राहत योजना के तहत आने वाले किसानों को फसल ऋण की मंजूरी के लिए वह बैंकों को सक्षम प्राधिकरणों से स्पष्ट दिशानिर्देश जारी कराने के लिए हस्तक्षेप करें।

यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) ने मुख्यमंत्री को शनिवार को लिखे पत्र में कहा है कि राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (एसएलबीसी) तथा भारतीय रिजर्व बैंक को राज्य सरकार की फसल ऋण राहत योजना के तहत आने वाले खातों को ऋण मंजूरी की शर्तों को पूरी तरह से स्पष्ट करना चाहिए।

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उनका कहना है कि रिजर्व बैंक के नियम कायदे के अनुसार बैकों को ऐसे खातेदारों को नया कर्ज नहीं दे पाते जो पिछला कर्ज समय से नहीं चुका रहे होते या जिनके रिण खाते एनपीए (अवरुद्ध) हो गए होते हैं।

एसएलबीसी सभी राज्यों में एक उचित समन्वय मशीनरी बनाने के लिए शीर्ष अंतर-संस्थागत फोरम है। मुख्यमंत्री एसएलबीसी के चेयरमैन हैं।

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महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देखमुख ने पिछले सप्ताह चेताया था कि किसानों को फसल ऋण देने में विलंब करने वाले बैंकों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की जाएगी।

पत्र में कहा गया है कि सरकार की सभी घोषणाओं के साथ सक्षम प्राधिकरणों को उचित निर्देश देना चाहिए। स्पष्ट निर्देशों के अभाव में बैंक इन घोषणाओं को लागू नहीं कर सकते हैं।

गत 28 मई की एसएलबीसी की बैठक के विवरण के अनुसार रिजर्व बैंक यह स्पष्टीकरण दे चुका है कि महाराष्ट्र ज्योतिराव फुले शेतकरी कर्जमुक्ति योजना (एमजेपीएसकेवाई) से लाभ-प्राप्त लोगों को केवल इसी आधार पर अतिरिक्त कर्ज की सुविधासे केवल इस आधार पर वंचित नहीं किया जा सकता है उनका पिछला कर्ज अवरुद्ध (एनपीए) हो गया है।

अजय

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