बेंगलुरु, 12 अप्रैल कर्नाटक में विपक्षी दल कांग्रेस ने मंगलवार को, ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज मंत्री के एस ईश्वरप्पा को गिरफ्तार करने और मंत्रिमंडल से उन्हें बर्खास्त करने की मांग उठाई। ईश्वरप्पा पर एक निकाय ठेकेदार ने निविदा का 40 प्रतिशत मांगने का आरोप लगाया था और बाद में उस ठेकेदार की मौत हो गई।
संतोष पाटिल को मंगलवार को उडुपी में एक लॉज में मृत पाया गया था और पुलिस को शक है कि मामला आत्महत्या का है।
कांग्रेस नेता सिद्धरमैया ने संवाददाताओं से कहा, “संतोष के. पाटिल खुद भारतीय जनता पार्टी का कार्यकर्ता था। उसने साफ कहा था कि ईश्वरप्पा उसकी मौत के जिम्मेदार होंगे। यह भारतीय दंड संहिता की धारा 300 और 302 के तहत अपराध है।”
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, “ईश्वरप्पा को तत्काल गिरफ्तार करना चाहिए और उन्हें मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर देना चाहिए। मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई को उन्हें मंत्री पद पर नहीं रहने देना चाहिए क्योंकि वह हत्या के मामले में आरोपी हैं। यह एक गंभीर आरोप है जिसके लिए आजीवन कारावास या मौत की सजा का प्रावधान है।”
पूर्व में बेलगावी जिले के पाटिल ने आरोप लगाया था कि ईश्वरप्पा ने जो काम दिलाया उसके बदले उन्होंने 40 प्रतिशत कमीशन की मांग की। मंत्री ने न केवल इन आरोपों का खंडन किया बल्कि पाटिल के विरुद्ध मानहानि का मामला भी दायर किया। सोशल मीडिया पर एक कथित संदेश में पाटिल ने अपनी मौत का जिम्मेदार मंत्री को ठहराया है।
ठेकेदार के विरुद्ध ईश्वरप्पा द्वारा दायर मानहानि के दावे के बारे में पूछे जाने पर सिद्धरमैया ने कहा, “ईश्वरप्पा क्या कहते हैं यह महत्वपूर्ण नहीं है। उन्हें मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर देना चाहिए, एक मामला दर्ज करना चाहिए और संतोष पाटिल ने जो कहा उसके आधार पर उन्हें गिरफ्तार करना चाहिए।”
कांग्रेस के महासचिव और कर्नाटक प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि कर्नाटक में बेतहाशा भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए सांप्रदायिक भावनाओं को भड़काया जा रहा है और हालिया मामले से यह साफ है।
बाद में सिलसिलेवार ट्वीट कर सिद्धरमैया ने कहा कि ठेकेदार की मौत के लिए पूरी भारतीय जनता पार्टी जिम्मेदार है।
कर्नाटक में बसवराज बोम्मई की सरकार को ‘40 प्रतिशत भाजपा सरकार’ करार देते हुए सिद्धरमैया ने कहा, “नरेंद्र मोदी को ‘न खाऊंगा न खाने दूंगा’ नारा देने के लिए खुद पर शर्म आनी चाहिए। उन्हें सरकार चलाने की बजाय खुद को बॉलीवुड की फिल्मों की पटकथा लिखने तक सीमित कर लेना चाहिए। मुझे नहीं लगता कि वह यह करने लायक भी हैं।”
बाद में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ईश्वरप्पा की गिरफ्तारी तथा उन्हें मंत्रिमंडल से हटाए जाने की मांग को लेकर शहर में प्रदर्शन किया।
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