नयी दिल्ली, 20 अप्रैल नीति आयोग के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) बी वी आर सुब्रमण्यम ने बृहस्पतिवार को कहा कि आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम की सफलता के लिये आंकड़े महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने निर्णय लेने में मदद के लिये आंकड़ों की उपलब्धता की जरूरत बताई।
यहां एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सुब्रमण्यम ने कहा कि आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम (एडीपी) का मकसद 500 प्रखंडों में सरकार की तरफ से चलाये जा रहे सभी विकास कार्यक्रमों को पूरी तरह से लागू करना है।
उन्होंने कहा ‘‘आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम की सफलता के लिये आंकड़े बहुत महत्वपूर्ण हैं। निर्णय लेने में सहायता के लिये आंकड़ों को सुलभ कराने की आवश्यकता है।’’
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछड़े जिलों में विकास की रफ्तार तेज करने के लिये शुरू की गयी योजना के तर्ज पर इस वर्ष की शुरुआत में आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम शुरू किया।
आकांक्षी जिला कार्यक्रम की शुरूआत 2018 में हुई थी। इसका उद्देश्य विकास के स्तर पर पीछे रहे जिलों को आगे बढ़ाना है।
सुब्रमण्यम ने कहा कि हम विकास को प्रखंड स्तर तक ले जा रहे हैं। हमने 500 प्रखंडों को विभिन्न मानदंडों के आधार पर चुना है।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में कहा था कि प्रखंड स्तर पर सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार को लेकर देश के 500 प्रखंडों को कार्यक्रम के अंतर्गत शामिल किया गया है।
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