अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) चिरंजीवी नाथ सिन्हा ने बताया कि पुलिस अधीक्षक (एसपी) दिनेश कुमार सिंह ने मामले में दोषी पाये जाने पर थाना प्रभारी (एसएचओ) अरुण प्रताप सिंह को लाइन हाजिर कर दिया है और त्रिलोकपुर चौकी प्रभारी मनोज कुमार को निलंबित कर दिया है।
इसके पहले पीड़िता के परिजनों ने आरोप लगाया था कि पुलिस ने मामले में उचित कार्रवाई नहीं की और जबरन सुलह कराकर आरोपी पक्ष से एक लाख रुपये दिलवा दिए।
पुलिस के अनुसार, एक व्यापारी के 28 बेटे वर्षीय अंकित वर्मा ने सोलह वर्षीय दलित लड़की का गत 22 अगस्त को अपहरण कर एक होटल में उसके साथ कथित दुष्कर्म किया और फिर लड़की को गाजियाबाद ले गया।
पुलिस के मुताबिक, वहां भी एक होटल में रखकर उसके साथ दुष्कर्म किया गया किया। चार दिनों के बाद लड़की को उसके गांव के बाहर छोड़कर आरोपी फरार हो गया।
पीड़िता के मामा ने आरोप लगाया है कि जब उसने इस मामले की शिकायत पुलिस के पास की तो चौकी प्रभारी ने जबरन सुलह करा दिया और सुलह के बदले एक लाख रुपये भी दिए, जिसमें से 50 हजार रुपये खाते में ऑनलाइन भेजे गए और बाकी नकद दिए गए ।
उसके मामा ने बताया कि नाबालिग लड़की के माता-पिता नहीं हैं और वह उसके के पास ही रहती है।
उसने बताया कि 30 अगस्त को पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर कार्रवाई की मांग की। एसपी के निर्देश पर पुलिस ने मामले में कार्रवाई शुरू की। पीड़िता के मामा ने मुख्यमंत्री को भी पत्र भेजकर घटना की शिकायत की।
एएसपी सिन्हा ने बताया कि पीड़िता के परिजनों की तहरीर पर आरोपी अंकित वर्मा के खिलाफ पॉक्सो अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की अपहरण और दुष्कर्म समेत अन्य संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गयी है।
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