नयी दिल्ली, एक जून एक प्रमुख संसदीय समिति की बैठक में ‘‘साइबर सुरक्षा और साइबर/सफेदपोश अपराधों (व्हाइट कॉलर क्राइम) की बढ़ती घटनाओं’’ का मुद्दा विचार-विमर्श के केंद्र में था।
सांसदों ने उद्योग के विशेषज्ञों से धोखाधड़ी ऋण ऐप सहित गैरकानूनी गतिविधियों के विभिन्न पहलुओं के बारे में पूछा।
सूत्रों ने बताया कि वित्त संबंधी स्थायी समिति के सदस्यों ने साइबर अपराध में विभिन्न प्रवृत्तियों और जोखिमों को कम करने के लिए क्या उपाय किए जा सकते हैं, के बारे में विशेषज्ञों की राय जानी।
विभिन्न फिनटेक फर्म और सार्वजनिक नीति समूहों के वरिष्ठ अधिकारी उन उद्योग हितधारकों में शामिल थे, जिन्होंने समिति के समक्ष अपनी बात रखी।
बैठक में प्रतिनिधित्व करने वाली फर्म में चेस इंडिया, रेजरपे, फोनपे, सीआरईडी और क्यूएनयू लैब्स के साथ-साथ एक प्रमुख व्यापार निकाय नैसकॉम और भारत में तकनीकी उद्योग के चैंबर ऑफ कॉमर्स शामिल थे।
संसदीय समिति की अध्यक्षता लोकसभा सांसद जयंत सिन्हा ने की और इसमें पी. चिदंबरम, सौगत रॉय, सुशील मोदी और अमर पटनायक सदस्य हैं।
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