नयी दिल्ली, 11 सितंबर वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) ने अपने स्थापना दिवस से पहले सोमवार को 2022 के लिए शांति स्वरूप भटनागर पुरस्कार देश के 12 युवा वैज्ञानिकों को प्रदान करने की घोषणा की।
इन वैज्ञानिकों में सीएसआईआर-भारतीय रासायनिक जीवविज्ञान संस्थान, कोलकाता के प्रतिरक्षा विज्ञानी दिप्यमान गांगुली ; सीएसआईआर-सूक्ष्मजीव प्रौद्योगिकी संस्थान, चंडीगढ़ के सूक्ष्मजीव विज्ञानी अश्विनी कुमार ; हैदराबाद स्थित सेंटर फॉर डीएनए फिंगरप्रिंटिंग डायग्नॉस्टिक के जीवविज्ञानी एम सुब्बा रेड्डी ; भारतीय विज्ञान संस्थान,बेंगलुरु के अक्कातु टी बीजू ; और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, बंबई के देबब्रत मैती शामिल हैं।
यह पुरस्कार हर साल 45 वर्ष से कम आयु के वैज्ञानिकों को दिया जाता है। इसके तहत पांच लाख रुपये और एक प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाता है।
गांगुली को चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में, जबकि कुमार और रेड्डी को जीव विज्ञान के क्षेत्र में योगदान देने के लिए यह पुरस्कार दिया गया है।
बीजू और मैती को रसायन विज्ञान के क्षेत्र में योगदान देने के लिए यह पुरसकार दिया गया है।
राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कारों में बदलाव करने की सरकार की योजना को लेकर विवाद के बीच इन पुरस्कारों की घोषणा की गई है।
सुभाष नरेश
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