देश की खबरें | क्रूज-मादक पदार्थ मामला: वानखेड़े ने अपने पद का दुरुपयोग किया- जांच रिपोर्ट

नयी दिल्ली, 19 मई मुंबई में स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी) के पूर्व क्षेत्रीय निदेशक समीर वानखेड़े की भूमिका की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसईटी) ने उनके द्वारा सेवा नियमों के कई कथित उल्लंघन पाये हैं, जिसमें विदेश यात्रा खर्च और लग्जरी घड़ियों में लेनदेन की गलत जानकारी देना शामिल है।

समीर वानखेड़े ने ही बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान से जुड़े मादक पदार्थ मामले में शुरुआती जांच की थी।

एसईटी के निष्कर्षों को अब केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने रिकॉर्ड में ले लिया है।

आर्यन खान को दो अक्टूबर 2021 को मुंबई तट के पास कॉर्डेलिया क्रूज पर छापेमारी के बाद गिरफ्तार किया गया था। आर्यन करीब एक महीने जेल में रहा था।

हालांकि पिछले साल एनसीबी ने आर्यन को तब आधिकारिक रूप से दोषमुक्त कर दिया था जब एजेंसी की एक विशेष जांच टीम ने नए सिरे से छापेमारी की और कहा कि उसके खिलाफ गलत काम करने का कोई सबूत नहीं है।

एसईटी ने पिछले साल केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (सीएटी) को सौंपी अपनी रिपोर्ट में 2008 बैच के भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) के अधिकारी समीर वानखेड़े (44) और उनकी टीम के खिलाफ मुख्य रूप से दो मामलों में अनियमितताएं पाईं हैं-केंद्रीय सिविल सेवा (सीसीएस) के नियमों का उल्लंघन और क्रूज में मादक पदार्थों के पाए जाने के सिलसिले में छापेमारी की प्रक्रिया में कथित अनियमितताएं।

समीर वानखेड़े ने इन आरोपों का खंडन किया है और सीबीआई की प्राथमिकी को रद्द करने के लिए सीएटी और हाल ही में बंबई उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। वानखेड़े का कहना है कि एसईटी प्रमुख एवं एनसीबी के उप महानिदेशक (डीडीजी) ज्ञानेश्वर सिंह एक न्यायाधीश की तरह आचरण कर रहे थे क्योंकि वह मामले के दौरान उनके रिपोर्टिंग बॉस थे।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)