नयी दिल्ली, नौ सितंबर क्रेडिटसाइट्स ने अडाणी समूह पर अत्यधिक कर्ज होने के संबंध में जारी अपनी रिपोर्ट की को कुछ नरम किया है। हालांकि, यह बात एक बार फिर दोहराई गई है कि समूह पर काफी अधिक कर्ज है।
फिच समूह की फर्म क्रेडिटसाइट्स ने अडाणी समूह के प्रबंधन के साथ चर्चा के बाद प्रकाशित एक टिप्पणी में कहा कि उसने समूह की दो कंपनियों पर जारी अपनी हालिया ऋण रिपोर्ट में ''गणना संबंधी गलतियों का पता लगाया है।'' लेकिन, उसने अपनी निवेश सिफारिशों को नहीं बदला।
क्रेडिटसाइट्स ने पिछले महीने जारी एक रिपोर्ट में अडाणी समूह के भारी कर्ज में डूबे होने की बात कही थी। उसका कहना था कि समूह बड़े पैमाने पर कर्ज लेकर उस राशि का इस्तेमाल अपने मौजूदा कारोबार के विस्तार एवं नए कारोबारों को खड़ा करने में कर रहा है।
क्रेडिटसाइट्स ने यह आशंका भी जताई थी कि हालात बिगड़ने पर समूह की ऋण-समर्थित कारोबार योजनाएं भारी कर्ज के जाल मे डूब सकती हैं और इसका नतीजा एक या अधिक कंपनियों के कर्ज भुगतान चूक के रूप में भी आ सकता है।
अडाणी समूह ने पिछले कुछ साल में अपने कारोबार का बड़ी तेजी से विस्तार किया है। कोयला खनन, बंदरगाह, हवाईअड्डा, डेटा सेंटर, सीमेंट, एल्युमिनियम और शहरी गैस वितरण जैसे तमाम कारोबार क्षेत्रों में समूह काम कर रहा है।
क्रेडिटसाइट्स ने अपनी ताजा रिपोर्ट में कहा, ''चर्चा के दौरान (अडाणी समूह के प्रबंधन के साथ) हमें अडाणी समूह की दो कंपनियों- अडाणी ट्रांसमिशन और अडाणी पावर में गणना की गलतियों के बारे में पता चला।''
ताजा रिपोर्ट में कहा गया, ''अडाणी ट्रांसमिशन के लिए, हमने अपने कर पूर्व आय (ईबीआईटीडीए) अनुमान को 4,200 करोड़ रुपये से 5,200 करोड़ रुपये कर दिया है। अडाणी पावर के लिए हमने अपने सकल ऋण अनुमान को 58,200 करोड़ रुपये से 48,900 करोड़ रुपये कर दिया है। इन सुधारों ने हमारी निवेश सिफारिशों को नहीं बदला है।''
क्रेडिटसाइट्स ने कहा कि गणना में इन बदलावों के बावजूद ''समग्र आधार पर, हम अभी भी अपनी मूल वित्तीय गणना और क्रेडिट अनुपात के साथ खड़े हैं, जो हमें अडाणी समूह के अत्यधिक कर्ज को लेकर चिंतित करता है।
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