नयी दिल्ली, 14 फरवरी हरियाणा में अंबाला के निकट शंभू सीमा पर बुधवार को किसानों के खिलाफ सरकार की कार्रवाई की निंदा करते हुये मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव सीताराम येचुरी ने 16 फरवरी को बुलाए गए ग्रामीण बंद के प्रति एकजुटता व्यक्त की।
माकपा की ओर से ‘एक्स’ पर साझा किए गए एक वीडियो में येचुरी ने हिंदी में कहा, ‘‘किसानों पर जिस तरह के अत्याचार हो रहे हैं, (यह) बर्बर दमन तुरंत बंद किया जाना चाहिए।’’
उन्होंने कहा, ‘‘एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) की उनकी वैध मांग को (प्रधानमंत्री नरेन्द्र) मोदी सरकार द्वारा पूरा किया जाना चाहिए, क्योंकि इसके लिए उन्हें आश्वासन दिया गया था । अगर वे (सरकार) अपने शब्दों से पीछे हटने की कोशिश करते हैं, तो वे सफल नहीं होंगे।’’
माकपा ने पोस्ट में कहा, ‘‘कॉमरेड सीताराम येचुरी शंभू सीमा पर किसानों के खिलाफ नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार की कार्रवाई की निंदा करते हैं, 16 फरवरी 2024 को उनकी आगामी हड़ताल के लिए संघर्षरत किसानों और श्रमिकों के साथ एकजुटता व्यक्त करते हैं।’’
हरियाणा पुलिस ने दोनों राज्यों के बीच शंभू सीमा पर पंजाब के किसानों पर आंसू गैस के गोले छोड़े, क्योंकि उनके ‘दिल्ली चलो’ मार्च के दूसरे दिन बुधवार को हजारों प्रदर्शनकारी वहीं रुके हुए थे।
हरियाणा के जींद जिले में दाता सिंहवाला-खनौरी सीमा पर भी इसी तरह का गतिरोध था, जहां पुलिस ने बैरिकेड्स लगाकर किसानों को अपने ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर दिल्ली जाने से रोक दिया था।
हरियाणा सरकार ने मंगलवार को सात जिलों, अंबाला, कुरूक्षेत्र, कैथल, जींद, हिसार, फतेहाबाद और सिरसा में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं, एकसाथ भेजे जाने वाले एसएमएस और डोंगल सेवाओं के निलंबन को 15 फरवरी तक बढ़ा दिया है।
‘दिल्ली चलो’ मार्च का आह्वान संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) ने किया है, जिसने केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के साथ देशव्यापी ग्रामीण बंद और हड़ताल का आह्वान किया है।
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