ताजा खबरें | बंगाल में कई वर्गों का ओबीसी दर्जा रद्द करने का अदालत का आदेश स्वीकार्य नहीं : ममता

खड़दह (प.बंगाल), 22 मई पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को कहा कि वह राज्य में कई वर्गों के अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के दर्जे को रद्द करने वाले कलकत्ता उच्च न्यायालय के फैसले को ‘‘स्वीकार नहीं करेंगी।’’

उन्होंने संकेत दिया कि सरकार इस आदेश को उच्चतम न्यायालय में चुनौती देगी।

दमदम लोकसभा क्षेत्र के तहत आने वाले खड़दह में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए बनर्जी ने कहा कि राज्य में ओबीसी आरक्षण जारी रहेगा क्योंकि इससे संबंधित विधेयक संविधान की रूपरेखा के भीतर पारित किया गया।

उन्होंने कहा, ‘‘पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा लाया गया ओबीसी आरक्षण जारी रहेगा। हमने घर-घर सर्वेक्षण करने के बाद विधेयक बनाया था और उसे मंत्रिमंडल तथा विधानसभा ने पारित किया था।’’

तृणमूल सुप्रीमो ने कहा, ‘‘ यदि जरूरत पड़ी, तो हम (इस आदेश के खिलाफ) ऊपरी अदालत जायेंगे।’’

भाजपा को आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करने वाले इश्तहारों का प्रकाशन करने से रोकने वाले उच्च न्यायालय के 20 मई के आदेश का जिक्र करते हुए बनर्जी ने दावा किया कि ऐसे विज्ञापन अब भी सामने आ रहे हैं । उन्होंने कहा कि वह भाजपा के खिलाफ 1000 करोड़ रुपये की मानहानि का मुकदमा दर्ज करायेंगी।

तृणमूल प्रमुख ने भाजपा पर केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल कर ओबीसी आरक्षण को रोकने की साजिश करने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा, ‘‘ कुछ लोग ओबीसी के हितों पर कुठाराघात करने के लिए अदालत गये हैं और उन्होंने याचिकाएं दायर की हैं एवं तब यह घटनाक्रम सामने आया है। भाजपा इतना दुस्साहस कैसे दिखा सकती है?’’

कलकत्ता उच्च न्यायालय ने पश्चिम बंगाल में कई वर्गों को दिया ओबीसी का दर्जा रद्द करते हुए कहा कि राज्य में सेवाओं और पदों में रिक्तियों में 2012 के एक अधिनियम के तहत ऐसा आरक्षण गैरकानूनी है।

बनर्जी ने कहा कि संदेशखालि में अपनी साजिश विफल हो जाने के बाद भाजपा अब नयी साजिशें रच रही है।

उन्होंने कहा, ‘‘वोट की राजनीति की खातिर , पांच साल सत्ता में बने रहने के लिए आप (भाजपा वाले) ये सब चीजें कर रहे हैं।’’

उन्होंने कहा कि यह तब हुआ है जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आरोप लगाया है कि विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन लोकसभा चुनाव के बाद यदि सत्ता में आया तो वह अनुसूचित जाति (एससी)/जनजाति (एसटी) एवं अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लोगों का आरक्षण रद्द कर देगा।

तृणमूल सुप्रीमो ने कहा, ‘‘एससी, एसटी और ओबीसी को संविधान के मुताबिक अधिकार मिलते हैं। अल्पसंख्यकों के भी अपने अधिकार हैं। क्या कोई कह सकता हे कि वह हिंदुओं के फायदे के लिए ही कानून बनायेगा तथा मुसलमानों एवं अन्य समुदायों को छोड़ देगा।’’

उन्होंने भाजपा पर सदैव जाति, आरक्षण एवं धर्म की राजनीति करने तथा लोगों को बांटने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा, ‘‘ अपनी उपलब्धियों के बारे में झूठ फैलाने तथा मेरे एवं मेरी परियोजनाओं के खिलाफ झूठे आरोप लगाने को लेकर मैं (भाजपा के खिलाफ) 1000 करोड़ रुपये की मानहानि का मुकदमा दर्ज कराऊंगी। मैंने अपने पूरे राजनीतिक करियर में एक भी पैसा नहीं लिया था। और मैं पूरी धनराशि लोगों में बांट दूंगी।’’

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