नयी दिल्ली, तीन दिसंबर उच्चतम न्यायालय ने कोविड-19 से बचाव के लिये सार्वजनिक स्थानों पर मास्क पहनने की अनिवार्यता और सामाजिक दूरी बनाये रखने संबंधी दिशा निर्देशों के उल्लंघन पर बृहस्पतिवार को गहरी चिंता व्यक्त की। न्यायालय ने इन दिशा निर्देशों पर सख्ती से अमल सुनिश्चित करने के बारे मे सुझाव मांगे हैं।
न्यायमूर्ति अशोक भूषण, न्यायमूर्ति आर सुभाष रेड्डी और न्यायमूर्ति एम आर शाह की पीठ ने केन्द्र की ओर से सालिसीटर जनरल तुषार मेहता और दूसरे हितधारकों से कहा है कि वे मास्क पहनने की अनिवार्यता और सामाजिक दूरी बनाये रखने संबंधी दिशा निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने के बारे में अपने सुझाव दें।
यह भी पढ़े | Farmers Protest: SAD(D) के प्रमुख Sukhdev Singh Dhindsa ने कृषि कानून के विरोध में पद्म भूषण सम्मान लौटाया.
पीठ ने हिमाचल प्रदेश सरकार को अपने यहां कोविड-19 के मरीजों के उपचार के लिये सुविधाओं और उपलब्ध संसाधनों के बारे में स्थिति रिपोर्ट पेश करने का भी निर्देश दिया।
वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से सुनवाई के दौरान पीठ को हिमाचल प्रदेश में कोविड-19 के मरीजों के उपचार के लिये सुविधाओं की कमी के बारे में अवगत कराया गया था।
यह भी पढ़े | ICSE, ISC Board Exams 2021: CISCE ने सभी राज्य के CM & EC से अप्रैल-मई में परीक्षा आयोजित करने की मांग की.
इससे पहले, न्यायालय ने देश में, विशेषकर दिल्ली में कोविड-19 के मामलों की संख्या में तेजी से वृद्धि होने पर चिंता व्यक्त की थी। न्यायालय ने कहा था कि दिल्ली में स्थिति बदतर हो गयी है जबकि गुजरात में यह नियंत्रण से बाहर हो रही है।
न्यायालय कोविड-19 के मरीजो के उपचार और अस्पतालों में मृतकों के शव का कथित रूप से अनादर की घटनाओं का स्वत: संज्ञान लिये गये प्रकरण की सुनवाई कर रहा था।
अनूप
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY