नयी दिल्ली, 26 अक्टूबर दिल्ली की एक अदालत नौ नवंबर को इस बात पर फैसला करेगी कि प्रतिबंधित पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) की संलिप्तता वाले कथित आतंकी गतिविधियों से जुड़े धन शोधन के एक मामले में एक आरोपी के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से दायर पूरक आरोप पत्र का संज्ञान लिया जाए या नहीं।
संबंधित न्यायाधीश की अनुपलब्धता के कारण मामला सोमवार को स्थगित कर दिया गया।
पूरक आरोप पत्र आरोपी सैयद मोहम्मद कासिम इब्राहिम के खिलाफ दायर किया गया था, जो वर्तमान में न्यायिक हिरासत में है।
ईडी ने 20 अक्टूबर को अभियोजन शिकायत (आरोप पत्र के समान) अदालत में दायर की थी जिसने मामले को विचार के लिए 26 अक्टूबर के लिए सूचीबद्ध किया था।
ईडी के विशेष लोक अभियोजक एन के मट्टा ने वकील मोहम्मद फैज़ान खान के साथ अदालत को बताया कि मामले में आरोपी के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त सबूत हैं।
यह मामला 120 करोड़ रुपये के कथित धन शोधन से संबंधित है। पीएफआई को आतंकवादी गतिविधियों और आईएसआईएस जैसे वैश्विक आतंकवादी संगठनों के साथ कथित संबंधों को लेकर पिछले साल सितंबर में केंद्र द्वारा प्रतिबंधित कर दिया गया था।
ईडी ने कड़े गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत कथित आतंकवाद-संबंधी गतिविधियों के लिए राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण द्वारा दर्ज की गई प्रथामिकी के आधार पर अपना मामला दर्ज किया है।
ईडी ने आरोप लगाया कि आरोपियों और संगठन से जुड़े अन्य सदस्यों ने दान, हवाला, बैंकों आदि के माध्यम से धन एकत्र किया जिसका इस्तेमाल गैरकानूनी गतिविधियों और विभिन्न अपराधों को अंजाम देने के लिए किया जा रहा था।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY