देश की खबरें | न्यायालय जम्मू में हिरासत में लिए गए रोहिंग्या की रिहाई की अर्जी पर सुनाएगा आदेश
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उच्चतम न्यायालय जम्मू में हिरासत में लिए गए रोहिंग्या शरणार्थियों को तुरंत रिहा करने और उन्हें म्यांमा प्रत्यर्पित करने से रोकने के लिए केंद्र को निर्देश देने के अनुरोध वाली याचिका पर बृहस्पतिवार को आदेश सुनाएगा।
नयी दिल्ली, सात अप्रैल उच्चतम न्यायालय जम्मू में हिरासत में लिए गए रोहिंग्या शरणार्थियों को तुरंत रिहा करने और उन्हें म्यांमा प्रत्यर्पित करने से रोकने के लिए केंद्र को निर्देश देने के अनुरोध वाली याचिका पर बृहस्पतिवार को आदेश सुनाएगा।
प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबडे और न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना और न्यायमूर्ति वी रामसुब्रमण्यन की पीठ लंबित मामले में रोहिंग्या शरणार्थी मोहम्मद सलीमुल्ला द्वारा दाखिल अंतरिम अर्जी पर अपना आदेश सुनाएगी।
उच्चतम न्यायालय ने 26 मार्च को अर्जी पर सुनवाई पूरी कर ली थी।
केंद्र ने याचिका का विरोध करते हुए कहा था कि भारत अवैध प्रवासियों की राजधानी नहीं बन सकता।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की तरफ से पेश अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने कहा कि रोहिंग्या बच्चों की हत्याएं कर दी जाती है और उन्हें यौन उत्पीड़न का सामना करना पड़ता है तथा म्यांमा की सेना अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों का पालन करने में नाकाम रही है।
केंद्र ने दलील दी थी कि वे (रोहिंग्या) शरणार्थी नहीं है। शीर्ष अदालत ने याचिकाकर्ता द्वारा दाखिल एक याचिका पूर्व में खारिज कर दी थी।
भूषण ने आरोप लगाया था कि जम्मू कश्मीर प्रशासन ने जम्मू में रोहिंग्या लोगों को हिरासत में लिया और जल्द ही उन्हें वापस भेज दिया जाएगा।
न्यायालय में लंबित जनहित याचिका में 11 मार्च को एक अंतरिम अर्जी दाखिल कर जम्मू में हिरासत में लिए गए रोहिंग्या शरणार्थियों को रिहा करने के लिए निर्देश देने का अनुरोध किया गया।
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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 07, 2021 10:11 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

